-काशीपुर में पतंजलि कार्यक्रम में सायरा को सम्मानित करते पदाधिकारी।
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महिला पतंजलि योग समिति की ओर से तीन तलाक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक संघर्ष करने और सफलता हासिल करने वाली सायरा बानो के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किया गया। अतिथियों ने सायरा बानो को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। सायरा बानो ने कहा कि जिस प्रकार हिंदू समाज में बाल विवाह प्रथा के खिलाफ संघर्ष हुआ, उसी प्रकार उन्होंने मुस्लिम समाज में तीन तलाक और हलाला के विरोध में निचली अदालतों से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ी और तीन तलाक के मामले में जीत हासिल की।
सायरा बानो ने कहा कि तीन तलाक के कारण जब उनके साथ अन्याय हुआ तो उन्होंने मुस्लिम समाज की अन्य महिलाओं के हित में अपनी लड़ाई शुरू की। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष काफी लंबा चला, पर खुशी है कि अंत में जीत मिली। बकौल सायरा मेरी यह जीत सभी महिलाओं को समर्पित है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब मुस्लिम महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस कर रही हैं। सायरा ने बताया कि उनकी लड़ाई में उन्हें देशभर की हिंदू और मुस्लिम महिलाओं-पुरुषों के अलावा कई धर्मों के गुरुओं का भी नैतिक समर्थन मिला, जिससे उन्हें तीन तलाक की लड़ाई लड़ने में हिम्मत मिली।
सायरा बानो ने बताया कि सफर अभी शुरू हुआ है, अब वह हलाला और बहु पत्नी विवाह के खिलाफ संघर्ष करेंगी। मौलिक अधिकारों के लिए उनकी यह लड़ाई जारी रहेगी। मुख्य अतिथि चेयरमैन उषा चौधरी ने कहा कि सायरा बानो की हक की लड़ाई का ही नतीजा है कि आज वह देश में विभिन्न कुप्रथाओं के खिलाफ महिलाओं का नेतृत्व कर रही हैं। इसके लिए उनकी जितनी सराहना की जाए, कम है। महिला पतंजलि योग समिति की राज्य प्रभारी सीमा जौहर ने कहा कि महिला सृष्टि की जननी है। वह स्वयं सशक्त है यह सायरा बानो ने साबित कर दिया है। उन्होंने योग के महत्व पर भी प्रकाश डाला है। इस दौरान नमिता पंत, कमला रेखाड़ी, मंजू रावत, पूनम सिंह, उषा पोखरियाल, प्रमिला किरण लोहनी, परविंदर कौर, सीमा कांबोज, महेंद्र नेगी, लाल सिंह नेगी आदि थे।