रुद्रपुर। हाईवे पर टोल प्लाजा पार करना अब वाहन चालकों के लिए महज टोल शुल्क चुकाने तक सीमित नहीं रहा है। टोल पर लगे एएनपीआर कैमरे वाहनों की नंबर प्लेट स्कैन कर परिवहन विभाग के सिस्टम तक सूचना पहुंचा रहे हैं। इनकी मदद से नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की जा रही है।
एएनपीआर कैमरों की मदद से वाहन का रिकॉर्ड ऑनलाइन खंगाला जा रहा है। दस्तावेजों में गड़बड़ी या वैधता खत्म मिलने पर वाहन चालक के घर तक ई-चालान पहुंच रहा है। रुद्रपुर एआरटीओ में जनवरी से अगस्त तक ई-डिटेक्शन व्यवस्था के जरिए चार हजार से अधिक वाहनों के चालान किए जा चुके हैं। टोल प्लाजा से गुजरते ही कैमरे वाहन का नंबर कैद करते हैं और उसका रिकॉर्ड वाहन पोर्टल से मिलाया जाता है। बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र (पीयूसी), फिटनेस, परमिट और रोड टैक्स समेत जरूरी दस्तावेजों की वैधता जांची जाती है। किसी दस्तावेज के अमान्य या निर्धारित अवधि से बाहर मिलने पर संबंधित वाहन के खिलाफ डिजिटल तरीके से चालान जारी किया जाता है। इसके लिए वाहन को सड़क पर रोककर कागजात जांचने की जरूरत नहीं पड़ती। चालान की जानकारी वाहन स्वामी के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजी जाती है।
टोल पर तकनीक से निगरानी का दायरा बढ़ा
टोल प्लाजा अब परिवहन विभाग की निगरानी व्यवस्था का अहम हिस्सा बनते जा रहे हैं। हाईवे पर लगातार गुजरने वाले वाहनों की संख्या अधिक होने के कारण प्रत्येक वाहन को रोककर जांच करना संभव नहीं है। ऐसे में आधुनिक तकनीक के माध्यम से कम समय में बड़ी संख्या में वाहनों पर नजर रखी जा रही है। खासकर लंबी दूरी तय करने वाले और व्यावसायिक वाहनों की आवाजाही पर निगरानी आसान हुई है।
ई-डिटेक्शन के माध्यम से नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। चालक नियमों का पालन जरूर करें। -मोहित कोठारी, एआरटीओ