काशीपुर। दहेज उत्पीड़न के मामले में पिछले छह वर्षों से न्यायालय से अनुपस्थित चल रही आरोपी सास ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। सिविल जज (सि.डि)/ एसीजेएम ने आरोपी महिला को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।
दुर्गा कालोनी निवासी कुलदीप सिंह रावत की बेटी का विवाह 18 अप्रैल 2009 को खुर्रमपुर, लखनऊ निवासी संजय बिष्ट के साथ हुआ था। आरोप है कि विवाहिता को उसके पति संजय, ससुर दीवान सिंह, सास रमा बिष्ट और देवर विनीत बिष्ट ने दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया। इस मामले में विवाहिता की ओर से 15 दिसंबर 2012 को काशीपुर कोतवाली में पति समेत चारों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
मामले की विवेचना एसआई खीम सिंह ने की। मुकदमे में सभी आरोपियों ने नैनीताल उच्च न्यायालय से अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ स्थगनादेश प्राप्त कर लिया था। एक मार्च 2013 को विवेचना अधिकारी ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
इस मुकदमे में अन्य आरोपियों ने न्यायालय में पेश होकर अपनी जमानत करा ली थी। लेकिन सास रमा बिष्ट न्यायालय से अनुपस्थित चल रही थी। शुक्रवार को रमा बिष्ट ने सिविल जज (सि.डि)/ एसीजेएम विनोद कुमार वर्मन की अदालत में सरेंडर कर दिया। अदालत ने आरोपी सास को न्यायिक हिरासत जेल में भेज दिया है।