राज्य की एकमात्र फूड लैब में आये दिन कोई न कोई समस्या रहती है। कभी फूड सैंपलिंग नहीं होने से तो कभी जांच रिपोर्ट नहीं आने से सुर्खियों में रहने वाली लैब में एक और कमी उजागर हुई है। लंबे समय से कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है, जिस कारण एक कर्मचारी ने नौकरी भी छोड़ दी है।
फूड लैब में कुल 45 पदों में से 20 पद पर ही कर्मचारी तैनात हैं, जबकि 25 पद खाली पड़े हुए हैं। सबसे बड़ी हैरानी की बात यह है की यह पद लैब की स्थापना के बाद से अब तक नहीं भरे जा सके हैं। फूल लैब 2010 में बनी थी, तब से ही लैब में 25 पद खाली पड़े हुए हैं। फूड सैंपलिंग की दृष्टि से महत्वपूर्ण इन पदों पर सात साल के बाद भी नियुक्ति नहीं हो पाई है।
खाली पदों के बावजूद लैब में फूड सैंपलिंग का कार्य किस तरह से परवान चढ़ रहा है यह समझ से परे है। दस माह से वेतन नहीं आने से नाराज कुछ कर्मचारियों में से एक ने नौकरी छोड़ दी है। कर्मचारियों का कहना है कि अगर जल्द वेतन नहीं मिला तो उन्हें भी मजबूरन अपने पदों से इस्तीफा देना पड़ेगा।
लैब में कर्मचारियों के वेतन की समस्या काफी पुरानी है। मैंने हाल ही में सीएमओ का पदभार संभाला है। लैब में स्थायी रुप से काम कर रहे 8 कर्मचारियों का वेतन रिलीज करा दिया है। संविदा कर्मचारियों का वेतन इस हफ्ते हर हाल में मिल जायेगा। खाली पदों की बात है तो यह आयोग की ओर से ही भरे जाते हैं इसमें हमारे हाथ में कुछ नहीं। आयोग परीक्षा कराने के बाद ही इन पदों को भरेगा।
- डॉ. आरके पांडे, सीएमओ यूएसनगर