काशीपुर। सरवरखेड़ा निवासी मोनिश उर्फ मोनू की हत्या गला घोंटकर की गई थी। उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से इस बात का खुलासा हुआ है। आशंका जताई जा रही है कि हत्या करने के बाद साक्ष्य छिपाने की नीयत से मोनू का शव मानपुर के नाले में लाकर डाला गया था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कुंडा थाने के ग्राम सरवरखेड़ा निवासी मोनिश उर्फ मोनू (22) 27 जुलाई की दोपहर को गायब हो गया था। 28 जुलाई की रात काशीपुर पुलिस ने ग्राम मानपुर में ढेला नदी से कुछ दूरी पर स्थित एक नाले से मोनिश का शव बरामद कर लिया। उसके गले में नीले निशान थे। सोशल मीडिया से परिजनों ने मौके पर पहुंचकर शव की शिनाख्त की। पुलिस ने मौके से नशा सूंघने की कुछ शीशियां बरामद की है। मृतक के पिता मुनाजिर ने मोनिश की हत्या किए जाने की आशंका जताई थी लेकिन पुलिस इसे हादसा मानकर चल रही थी। सीओ एपी कोंडे ने बताया कि मोनिश की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटने के कारण उसकी हत्या होने की बात कही गई है। उधर, कोतवाल जीबी जोशी ने बताया कि मुकदमा दर्ज कराने के लिए मृतक के परिजनों को बुलाया गया है। तहरीर मिलने पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस टीमें मानपुर रोड पर सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक करने में लगाई गई है।
क्या नशे के लिए की गई थी मोनिश की हत्या
काशीपुर। सरवरखेड़ा निवासी मोनिश उर्फ मोनू नशा करने का आदी थी। कयास लगाया जा रहा है कि नशे के चलते ही मोनिश की हत्या की गई है। मोनिश के भाई जावेद ने बताया कि मोनू 27 जुलाई की दोपहर दो बजे कहीं चला गया था। उसी दिन दोपहर तीन बजे उसने अपने भाई को एक अन्य युवक के साथ मुरादाबाद रोड पर ढेला नदी के पास देखा था। वह युवक भी नशे का आदी है। वह बाहर से आकर ग्राम गंगापुर गोसाई में किराए के मकान में रहता है। घटना के बाद से वह गायब बताया जा रहा है। मोनू का शव उसके घर से करीब चार किमी दूर मानपुर में मिलने से भी संदेह उत्पन्न हो रहा है। आशंका जताई जा रही है कि हत्या करने के बाद मोनू का शव वहां लाकर डाला गया है। मृतक के पिता मुनाजिर ने अपने बेटे की हत्या में एक से अधिक लोगों का हाथ होने का संदेह जताया है।