जिले के महुआखेड़ागंज स्थित हिमालयन फूड पार्क में मॉडल स्लाटर हाउस स्थापित करने की कवायद की जा रही है। नगर पालिका ईओ की तरफ आए सुझाव के बाद डीएम ने एसडीएम काशीपुर की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर स्लाटर हाउस के संबंध रिपोर्ट मांगी है। यदि फूड पार्क में स्लाटर हाउस के मानक पूरे होंगे तो उसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजकर बजट मांगा जाएगा।
दरअसल स्लाटर हाउस को लेकर पर्यावरण एवं प्रदूषण बोर्ड के मानक बेहद कड़े होने की वजह से जिले में सिर्फ किच्छा नगर पालिका क्षेत्र में स्लाटर हाउस संचालित हो रहा है। अन्य जगहों पर मानक पूरे नहीं होने की वजह से स्लाटर हाउस बंद है। नए मानकों में स्लाटर हाउस से निकलने वाले दूषित पानी के लिए एसटीपी, वध होने वाले पशुओं के अवशेषों के निस्तारण का इंतजाम, पशु को वध करने से पहले बेहोश करने की सुविधा के साथ ही पशुओं को वध के लिए अलग-अलग रखने के लिए उचित जगह की व्यवस्था होनी जरूरी है, ताकि वे एक दूसरे को वध होता हुआ न देख सकें।
पशु चिकित्साधिकारी स्लाटर हाउस में लाए पशु को जांचने के साथ ही वध के बाद मांस का निरीक्षण करेंगे। उक्त सहित कुल 32 मानकों को स्लाटर हाउस को पूरा करना है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जीएस धामी ने बताया कि प्रदूषण बोर्ड के मानक कड़े होने की वजह से सिर्फ एक स्लाटर हाउस ही वर्तमान में चल रहा है। 32 मानक पूरे करने के बाद ही संबंधित निकाय को खाद्य सुरक्षा विभाग लाइसेंस देता है। उन्होंने बताया कि जनपदीय पशु क्रूरता निवारण समिति की बैठक में महुआखेड़ागंज में बड़े स्तर का स्लाटर हाउस बनाने का प्रस्ताव आया था। इधर, डीएम रंजना राजगुरु ने बताया कि सभी निकायों और संबंधित एसडीएम को स्लाटर हाउस के लिए आबादी से दूर जगह जल्द चिह्नित करने के निर्देश दिए गए हैं।
महुआखेड़ागंज के ईओ ने हिमालयन फूड पार्क में स्लाटर हाउस का सुझाव दिया है। यहां मॉडल स्लाटर हाउस की संभावनाओं को तलाशने के लिए एसडीएम काशीपुर को निर्देश दिए गए हैं। एसडीएम प्रदूषण बोर्ड, पशुपालन विभाग, संबंधित निकाय सहित अन्य अधिकारियों के साथ निरीक्षण कर स्लाटर हाउस के लिए जरूरी मानकों को देखेंगे। यदि स्लाटर हाउस के लिए जरूरी मानक पूरे होंगे तो वहां राज्य का मॉडल स्लाटर हाउस बनाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजेंगे। जिले में दो या तीन बड़े स्तर के स्लाटर हाउस बन जाएं तो तमाम तरह की दिक्कतों से निजात मिलेगी। - रंजना राजगुरु, डीएम।