बरात लेकर आए युवक को पुलिस ने नाबालिग से शादी करने से रोक दिया, जिससे बारातियों को बैरंग लौटना पड़ा। एसडीएम के निर्देश पर कानूनगो ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
शुक्रवार को ग्राम खेमपुर निवासी नाबालिग लड़की की बारात सितारगंज के सिसौना से आई थी। इस पर महिला समाख्या की महिलाओं ने पुलिस को गांव में नाबालिग लड़की के विवाह की सूचना दी। जिस पर थानाध्यक्ष कविन्द्र शर्मा, एसआई धर्म सिंह मौके पर पहुंचे और शादी के कार्यक्रम पर रोक लगा दी। थानाध्यक्ष ने बताया कि महिला समख्या की गीता जोशी और लखविंदर कौर के साथ थाने पहुंची बिंदूखेड़ा बाजपुर की युवती ने बताया कि सिसौना के हरजिंदर सिंह पुत्र प्रीतम सिंह से नवंबर 2013 में उसका रिश्ता पक्का हुआ था, लेकिन दहेज की मांग पूरी न करने पर उसके ससुरालियों ने उससे रिश्ता तोड़े बिना हरजिंदर का विवाह यहां के खेमपुर गांव की नाबालिग लड़की से तय कर दिया। उसने विवाह रोकने की मांग की। जिस पर पुलिस ने खेमपुर गांव में नाबालिग लड़की के घर पहुंची और परिजनों के लड़की के बालिग होने का प्रमाण न दिखाने पर शादी रुकवा दी। दुल्हन बनी नाबालिग ने खुद के राजकीय प्राथमिक विद्यालय धुसरा से आठवीं पास करना बताया। पुलिस विद्यालय पहुंची। जहां प्रमाण पत्रों में उसकी जन्मतिथि 29 मई 2000 दर्ज पाई। पुलिस ने प्रमाण पत्र के आधार पर लड़की को नाबालिग पाते हुए विवाह के कार्यक्रम पर रोक लगा दी और मामले से एसडीएम भगत सिंह फोनिया को अवगत कराया। एसडीएम के निर्देश पर कानूनगो मोहन गिरी ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी।