नोटबंदी का असर पुलिस महकमे पर भी पड़ा है। पुलिस थानों में सील किए गए लाखों के पुराने नोट बदलने के लिए अब विभाग के पास महज आठ दिन शेष हैं। आठ अगस्त से नोटबंदी होने के बाद अब तक पुलिस ने इन पुराने नोटों की सुध नहीं ली है। तीस दिसंबर तक नोट बदलने की कार्रवाई पूरी नहीं की गई तो लाखों के नोट रद्दी बन सकते हैं। जिले के 17 थानों में पांच सौ और हजार के नोट करीब बीस लाख रुपए से अधिक कैद हैं। ऊधमसिंह नगर जिले के 17 थानों में बने मालखानों में चार हजार के लगभग पांच सौ और हजार के नोट अब भी कैद हैं जबकि बैंकों ने पुराने नोटों को जमा करने की समय सीमा तय कर दी है।
तीस दिसंबर तक ही पुराने नोट जमा होने हैं और मालखानों में पांच सौ और एक हजार के नोटों की 20 लाख से अधिक की रकम जमा है। इसके साथ ही छोटे नोटों का आंकलन किया जाए तो यह रकम करोड़ों में बताई जा रही है। जिले के हर थाने का अपना एक मालखाना है जिसमें विभिन्न अभियोगों में बरामद नगदी और अन्य संपत्ति को सील करके रखा जाता है। सभी मालखानों में रखी गई नगदी की बात करें तो यह करोड़ों के आंकड़े को पार करती हैं, लेकिन इस आंकड़े में पांच सौ और एक हजार के नोट भी शामिल हैं जिन्हें नोटबंदी के बाद पुलिस के लिए बदलना आवश्यक हो गया है।
पुराने बड़े नोटों के चलन से बाहर होने के बाद यह रकम बदलने के लिए विभाग ने अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। अब नोट बदलने की समय सीमा के महज आठ दिन शेष हैं, और सील की गई करेंसी को मालखाने से निकालकर उनकी कागजी कार्रवाई की प्रक्रिया भी होनी है। ऐसे में कोर्ट की कागजी कार्रवाई पूरी करके जिले के सभी थानों से पुरानी करेंसी को आठ दिन में जमा करना पुलिस के लिए कम चुनौतीपूर्ण नहीं है। यदि आठ दिन में पुलिस विभाग ने सारी कार्रवाई पूरी करने के बाद लाखों की रकम को सरकारी खाते में जमा नहीं किया तो लाखों की करेंसी रद्दी होना तय है।
ट्रेजरी चालान के बाद सरकारी बैंक खाते जमा किया जाएगा
नोटबंदी के बाद थानों के मालखानों में जमा पांच सौ और हजार के नोटों को बदलने के लिए ट्रेजरी चालान के बाद सरकारी बैंक खाते में जमा किया जाएगा। इसके लिए कोर्ट से आदेश लिया जा रहा है। तीस तक सभी नोट खाते में जमा कर दिए जाएंगे। नोट बदली होने के बाद पुन: कोर्ट के आदेशानुसार रकम का निस्तारण कर दिया जाएगा।
-टीडी वैला एएसपी क्राइम