कुरैशियान कमेटी इस्लाम नगर के तत्वावधान में हुई पंचायत में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुरैशी बिरादरी के लोग जुटे। इसमें समाज में व्याप्त कुरीतियों को खत्म करने का निर्णय लिया गया और पंचायत के निर्णय को न मानने वालाें का सामाजिक बहिष्कार की घोषणा की गई।
पंचायत के निर्णय की निगरानी के लिए 25 सदस्यीय कमेटी गठित की गई। जिन्हें पगड़ी और माला पहनाकर सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि पंचायत के फैसले से बिरादरी के गरीब परिवारों को लाभ होगा।
इस्लाम नगर में कुरैशी मसजिद के प्रांगण में आयोजित कुरैशी बिरादरी की आम पंचायत में शादी, मंगनी, रिश्तेदारियों में होने वाली फिजूल खर्ची को रोकने के लिए कड़े नियम बनाए गए।
आम सहमति से निर्णय लिया गया कि कुरैशी बिरादरी की लड़की का जब लड़के की तरफ से महिलाएं पैगाम लेकर आएंगी तो उसमें पांच से पंद्रह महिलाएं ही आ सकती हैं। मंगनी या जवाब हो तो 15 से लेकर 35 आदमी ही आ सकते हैं। बिरादरी की शादी में तमाशा, नाच, गाना, बैंड बाजा नहीं बजाया जाएगा। पंचायत के फैसले के खिलाफ जाने वाले परिवार का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। इस अवसर पर रहीश अहमद कुरैशी, सलीम कुरैशी, एम. जफर, मो. आलम कुरैशी, इकरार, मो. शकीर, राजू, इरशाद, जाकिर, लियाकत, किसार अहमद, रफीक अहमद, साबिर, फयाज, मुमताज अहमद आदि थे।