दो दिन बाद बाजार खुलने से जिले के बाजारों में रौनक लौट आई है। रुद्रपुर में सोमवार को कपड़ा, रेडीमेड, जूते, बर्तन, ज्वैलरी, लोहा, पेंट और इलेक्ट्रॉनिक्स का कुल 15 करोड़ 50 लाख का कारोबार हुआ। वहीं, काशीपुर में करीब दस करोड़ का कारोबार हुआ।
बढ़ती गर्मी को देखते हुए रुद्रपुर में लोगों ने कूलर, पंखे, फ्रिज आदि की जमकर खरीदारी की। इससे इलेक्ट्रॉनिक्स करोबार के तीन करोड़ रुपये पहुंचने का अनुमान है। ग्राहकों ने शाम पांच बजे तक खूब खरीदारी की। इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारी राजीव खुराना ने बताया कि गर्मी के सीजन को देखते हुए ग्राहक कूलर, पंखे, कूलर की खरीदारी कर रहे हैं लेकिन अभी कारोबार पटरी पर नहीं आया है। दुकानों में बिक्री पहले की अपेक्षा कम है। कारोबार पटरी पर लाने के लिए सरकार को बाजार खोलने में और रियायत देनी चाहिए।
प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष संजय जुनेजा ने कहा कि दो दिन बाद बाजार खुलने से व्यापारियों की अच्छी खासी बिक्री हुई है। सरकार की ओर से रियायत मिलने के बाद शुरूआत में छह करोड़, फिर 10 करोड़ तो अब सोमवार को 15 करोड़ 50 लाख रुपये का कारोबार हुआ है। बताया कि अगर ऐसे ही सरकार से रियायत मिलती रही तो व्यापारियों का कारोबार धीरे-धीरे पटरी में आ जाएगा। इधर, काशीपुर में सोमवार को पूरे दिन बाजार खुलने से बाजार में ग्राहकों की भीड़ रही। व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधियों के अनुसार सुबह से शाम तक बाजार में सभी तरह की दुकानें खुलने पर करीब दस करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। व्यापारियों की मांग है कि कोविड संक्रमण की दर कम हुई है जिसे देखते हुए अब बाजार लगातार खोला जाना चाहिए।
देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष गुरविंदर सिंह चंडोक ने बताया कि सोमवार को बाजार में बड़ी और छोटी दुकानों को मिलाकर करीब 1000 दुकानें खुलीं। इधर, कोविड कर्फ्यू को लेकर जारी नई एसओपी के बाद चंडोक का कहना है कि अब कोविड संक्रमण का खतरा कम हो गया है। जिसे देखते हुए व्यापारियों को सुबह आठ से शाम आठ बजे तक बाजार खोलने की अनुमति देनी चाहिए। इससे शाम के समय बाजार में भीड़ भी कम होगी जिससे सामाजिक दूूरी का पालन भी किया जा सकेगा।
प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष प्रभात साहनी का कहना है व्यापारियों की मांग पर अब शासन को लगातार बाजार खोलने की अनुमति देेनी चाहिए। ऐसा संभव न होने पर बाजार खोलने का समय और बढ़ाना चाहिए। शराब कारोबारियों की मानें तो बाजार खुलने के बाद भी उम्मीद के अनुसार बिक्री नहीं हो सकी। इसके पीछे का कारण दुकानों में स्टॉक कम होना और दुकान खुलने का समय कम दिया जाना है। शासन को शाम के समय दुकानें खोलने के लिए बढ़ाना चाहिए।
रुद्रपुर में अलग-अलग कारोबार के आंकड़े
कपड़ा- 1.50 करोड़
रेडीमेड- 2.5 करोड़
इलेक्ट्रोनिक- 03 करोड़
जूते- 25 लाख
बर्तन- 25 लाख
ज्वेलरी- 2.50 करोड़
जनरल स्टोर- 2.50 करोड़
रेन कोट- एक करोड़
लोहा- 03 करोड़
पेंट- 02 करोड़