रुद्रपुर। जिले में बड़े पैमाने पर फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी हथियाने के मामले उजागर हो रहे हैं। कई वर्षों पूर्व हुई नियुक्ति पर अब कार्रवाई चल रही है। बीते एक वर्ष में सात शिक्षकों की सेवा समाप्ति हो चुकी है, जबकि अभी कई और मामले की जांच चल है।
जिले में वर्षों पूर्व हुई सहायक शिक्षकों की नियुक्ति में बड़े पैमाने पर नियमों को तार-तार किया गया। इसमें कहीं कूटरचित दस्तावेज इसके आधार बने तो कहीं समकक्ष डिग्री न होने के बावजूद नियुक्ति कर दी गई। इन मामलों की जांच चल रही है। कई मामले पहले के दबे हुए थे पर अब एक-एक कर ऐसे केस निपटाए जा रहे हैं। बीते एक वर्ष की बात करें तो अभी तक सात शिक्षकों की बर्खास्तगी हो चुकी है। इसमें वर्ष 2024 में गदरपुर विकास खंड के हेमराज सिंह, बलबीर सिंह और जसपुर के हरगोविंद सिंह की बर्खास्तगी हो चुकी है। जनवरी 2025 में सितारगंज के रामशब्द के इस वर्ष पहली बर्खास्तगी हुई थी। फरवरी में सितारगंज के अतर सिंह और कृष्णपाल सिंह को बर्खास्त किया गया। एक दिन पूर्व जसपुर की सहायक शिक्षिका गिंदर पाल पर बर्खास्तगी की गाज गिरी।
विभागीय सूत्रों की मानें तो अभी तीन से चार मामले की जांच चल रही है। इन मामलों में भी जल्द ही कार्रवाई होने की संभावना है।
फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी करने वाले शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई चलती रहेगी। अभी कई मामलों में जांच चल रही है। किसी भी दशा में ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।
-हरेंद्र कुमार मिश्र, डीईओ।