रुद्रपुर। पूर्व मंत्री तिलकराज बेहड़ ने कहा कि शासन ने मलिन बस्तियों के सुधार, विनियमितीकरण व पुनर्वासन, उससे संबंधित व्यवस्थाओं और अतिक्रमण निषेध नियमावली 2016 लागू कर दी है। इस संदर्भ में शहरी विकास सचिव ने जिले के अधिकारियों को शासनादेश जारी कर दिया है। इससे निकट भविष्य में अब मलिन बस्तियों की तस्वीर बदली हुई नजर आएगी।
बेहड़ शनिवार को अपने निवास पर पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने बताया कि नगर निकायों द्वारा चिन्हित जिला स्तरीय समिति मलिन बस्तियों को वर्गीकृत करने के पश्चात राज्य सरकार की ओर से दो माह के भीतर अधिसूचित किया जाएगा। जिला स्तरीय समिति में डीएम, एसएसपी, एडीएम, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग, लोनिवि, सीएमओ, नगर आयुक्त सदस्य मनोनीत होंगे।
डीएम की ओर से आवश्यकतानुसार सदस्य नामित किए जाएंगे। बेहड़ ने बताया कि नगर निकायों द्वारा मलिन बस्ती में रह रहे परिवारों को सूचीबद्ध कर उन्हें पंजीकरण व पहचान पत्र जारी किए जाएंगे। मलिन बस्तियों को विभिन्न श्रेणियों में रखकर उनके सुधार की कार्रवाई शुरू होगी। बेहड़ ने बताया विनियमितीकरण के बाद सभी बस्तियां विनियमित क्षेत्र में निहित होंगी।
सरकार मलिन बस्ती कार्पस फंड की स्थापना भी करेगी। इसका उपयोग मलिन बस्ती के सुधार, पुनर्वास के लिए किया जाएगा। सरकारी भूमि पर 11 मार्च 2016 के बाद किया जाने वाला कब्जा दंडनीय अपराध होगा। पत्रकार वार्ता में मीना शर्मा, पार्षद ललित मिगलानी, सुनील आर्या, कालीचरन, ललित पांडे, अनिल शर्मा भी मौजूद थे।