फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Uttarakhand: अयोध्या के लिए निकले बुजुर्ग को वाहन ने कुचला, भाई के कहने पर किच्छा से हल्द्वानी लौट रहे थे भुवन

Mon, 22 Jan 2024 10:33 AM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर

सार

किच्छा में रविवार तड़के साइकिल पर जा रहे एक बुजुर्ग को अज्ञात वाहन ने रौंद दिया। मृतक की शिनाख्त हल्द्वानी निवासी भुवन चंद जोशी के रूप में हुई है। 
विज्ञापन
road accident - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गोकुलनगर के निकट रविवार तड़के साइकिल पर जा रहे हल्द्वानी निवासी एक बुजुर्ग को अज्ञात वाहन ने रौंद दिया। मृतक की शिनाख्त हल्द्वानी निवासी भुवन चंद जोशी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार वृद्ध साइकिल से अयोध्या दर्शन के लिए निकले थे लेकिन भाई के समझाने पर वह किच्छा से घर लौट रहे थे।

विज्ञापन


कोतवाल सुंदरम शर्मा ने बताया कि रविवार तड़के काली मंदिर के निकट तैनात गश्ती पुलिस को एक बाइक सवार ने गोकुलनगर के निकट एक्सीडेंट होने की सूचना दी। टीम को मृतक की जेब से मिले आधार कार्ड के आधार पर उसकी शिनाख्त भुवन चंद जोशी (72) पुत्र मथुरा दत्त जोशी निवासी वार्ड 12 हिमालय काॅलोनी अब्दुला बिल्डिंग हल्द्वानी के रूप में की गई। 

सूचना पर आए मृतक के भाई गोपाल जोशी निवासी उत्तरांचल काॅलोनी किच्छा ने बताया कि भुवन सुबह तीन बजे उनके घर आए थे। वह रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या जाने की बात कह रहे थे। उनके समझाने पर भाई ने अयोध्या जाने की योजना रद्द की और चाय पीकर वापस घर के लिए निकले थे।

 

ये पढ़ें- Kashipur: भाजपा के पूर्व विधायक के बेटे और गनर पर झोंका फायर, हमलावरों ने असलाह की बट सिर पर मार किया लहूलुहान

विज्ञापन
विज्ञापन

पूरी न हुई अयोध्या धाम जाने की आस
हल्द्वानी निवासी भुवन चंद्र जोशी तत्कालीन नगर पालिका हल्द्वानी से 12 साल पहले सेवानिवृत्त हुए थे। किच्छा निवासी ज्योति जोशी बताती हैं कि उनके ताऊ भुवन चंद्र जोशी ने अपने जीवन में साइकिल की ही सवारी की। 
पालिका में नौकरी के दौरान वह अपने सभी काम साइकिल से ही करते थे। शनिवार को उन्होंने अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन करने की ठानी और बड़े बेटे हिमांशु जोशी से एक हजार रुपये लेकर शाम करीब चार बजे साइकिल से अयोध्या के लिए निकल पड़े।
 
चार घंटे में 35 किमी का सफर तय कर किच्छा पहुंच गए लेकिन रात के अंधेरे को भांपते हुए उन्होंने रोडवेज बस अड्डे को अपना आशियाना बना लिया। भोर हुई तो छोटे भाई गोपाल से मिलकर अयोध्या जाने लगे। अत्यधिक कोहरा और ठिठुरन को देखते हुए गोपाल ने उन्हें अयोध्या जाने से मना कर दिया। भुवन भी छोटे भाई की बात मान तो गए लेकिन उनके घर न रुक हल्द्वानी अपने घर के लिए लौटने लगे। वह किच्छा से पांच किमी की दूरी ही तय कर पाए थे कि काल बनकर आए अज्ञात वाहन ने उन्हें कुचल दिया। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें