टिंकू की हत्या के साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज खंगाले। पुलिस ने बताया कि जिस स्थान पर टिंकू घायल अवस्था में मिला था, उस स्थान की दूरी सड़क से करीब 40 फुट है। ऐसे में सड़क हादसे की थ्योरी किसी भी व्यक्ति के गले नहीं उतर पाई। घटनास्थल के सामने आधार केंद्र भी है। वहां सीसीटीवी लगे थे जो खराब मिला। पुलिस ने दूसरे कैमरों की फुटेज खंगाली तो कैमरों में 7 बजकर 38 मिनट पर टिंकू पार्षद की चक्की के पास जाता दिखाई दिया। वहां से घटनास्थल की दूरी करीब 200 मीटर है। सीसीटीवी फुटेज से पुलिस और क्लू खोजने का प्रयास कर रही है।
आखिरी सांस तक पानी के लिए कराहता रहा टिंकू
अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझते हुए टिंकू पानी के लिए कराहता रहा लेकिन इलाज के चलते पैरामेडिकल स्टाफ ने उसे पानी देने के मना कर दिया। उस वक्त टिंकू की मां रामवती भी वहीं थी। बदहवाशी में टिंकू बार-बार पानी मांग रहा था और अपनी मां से उसे बचाने की गुहार लगा रहा था। दो घंटे के अंतराल में घायल टिंकू ने बार-बार पानी मांगा। इलाज के दौरान बगैर पानी के ही उसने दम तोड़ दिया। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव चौहान ने बताया कि रोगी मरणासन्न स्थिति में अस्पताल लाया गया था। ऐसे में यदि उसे पानी दिया जाता तो पानी उसके फेफड़ों में जाने का खतरा था। ऐसी स्थिति में उसे पानी नहीं दिया जा सकता था।
10 अक्तूबर को दी थी अंजाम भुगतने की धमकी
मृतक के भाई राजू का कहना है कि कॉलोनी में ही लकड़ी की टॉल लगाने वाले वेदप्रकाश ने 6 दिन पहले ही उन लोगों को अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। राजू का कहना है कि वेदप्रकाश 10 प्रतिशत मासिक ब्याज दर पर लोगों को रकम उधार देता है। उसके पास साहूकारी का कोई लाइसेंस भी नहीं है। एक वर्ष पहले उसके भाई महेंद्र ने उससे एक हजार रुपये उधार लिए थे। अब तक वह डेढ़ हजार रुपये से अधिक रकम चुकता कर चुका है लेकिन वेदप्रकाश अभी भी उसके भाई की तरफ 3 हजार रुपये बकाया बता रहा है। रकम वापस न करने पर वह धमकाता रहता है। 10 अक्तूबर को वेदप्रकाश उसके घर आया और अभद्रता करते हुए तकादा करने लगा। रुपये न होने की बात कहने पर वह उसके भाई महेंद्र के साथ मारपीट करने पर आमादा हो गया। उसने बीच बचाव कराया तो वेदप्रकाश उन दोनों को अंजाम भुगतने की धमकी देकर चला गया।