-मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण पर आयोजित वर्चुअल बैठक में डीएम को दिए निर्देश
रुद्रपुर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जल संरक्षण एवं पौधारोपण अभियान की वर्चुअल बैठक ली। उन्होंने जल संरक्षण अभियान के तहत जल स्रोत, जल धारा व नदियों के पुनर्जीवीकरण के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। कहा कि भू-जल स्तर लगातार गिर रहा है, इसलिए 50 फीसदी से कम रिचार्ज वाले क्रिटिकल जल स्रोत, जल धारा को रिचार्ज किया जाए और कहा कि सिंचाई, वन, जल निगम, जल संस्थान, ग्राम्य विकास, पंचायतीराज विभाग जल संरक्षण कार्यों का बेस लाइन सर्वे व डाटा भी तैयार करें।
वहां वीसी प्राधिकरण अभिषेक रूहेला, सीडीओ मनीष कुमार, प्रभागीय वनाधिकारी हिमांशु बागरी, उमेश तिवारी, परियोजना निदेशक अजय सिंह, मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. एके सिंह, मुख्य उद्यान अधिकारी भावना जोशी, अधीक्षण अभियंता जल निगम मृदुला सिंह आदि थे।
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हरेला से 15 अगस्त तक चलेगा पौधोरोपण अभियान
सीएम धामी ने कहा कि वर्षाकाल में हरेला से 15 अगस्त तक ग्राम, न्याय पंचायत, ब्लॉक एवं जिला स्तर समेत वृहद स्तर पर पौधारोपण अभियान चलेगा। विधायक व अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ ही स्वयं सहायता समूह, महिला एवं युवक मंगल दल, स्कूली बच्चे इस अभियान में शामिल हों।
पानी संचय के लिए बौर और गूलरभोज जलाशय की होगी डिसिल्टिंग: डीएम उदयराज
डीएम उदयराज सिंह ने बताया कि जल स्रोत, नदियों के पुनर्जीवीकरण के लिए ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत व जिला स्तर पर चिह्नीकरण कर कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। रिचार्ज पिट, रिचार्ज साफ्ट, पॉड बनाए जाएंगे। पानी संचय के लिए बौर व गूलरभोज जलाशय की डिसिल्टिंग (गाद निकालना) भी कराई जा रही है। भूमिगत जल दोहन को रोकने के लिए ग्रीष्मकालीन धान की पैदावार न कराने को किसानों के साथ दो बैठकें की हैं। उन्हें मक्का, दलहनी फसलों के उत्पादन के लिए प्रेरित किया। किसानों ने सहमति भी जताई। सरकारी सैनिक फार्म, व पंतनगर विश्वविद्यालय में फरवरी से अप्रैल तक होने वाली ग्रीष्मकालीन धान की बुवाई को बंद करने का आदेश दिया है।