रुद्रपुर/शक्तिफार्म। मधु कृष्ण त्रयोदशी की पवित्र तिथि पर 27 मार्च को मतुआ संप्रदाय के अनुयायी तन-मन की स्वच्छता व शुद्धता के लिए महावारुणी स्नान करेंगे। इसमें यूपी, दिल्ली, राजस्थान, बंगाल, सहित अन्य राज्यों से हजारों अनुयायियों के भाग लेने की संभावना है।
महावारूणी गंगा स्नान से पूर्व गुरुग्राम स्थित श्री हरि गुरुचांद मंदिर में बुधवार को पुजारी कालीपद महाराज, मुकुलानंद महाराज व माखन गुसाईं ने अधिवास अनुष्ठान संपन्न कराया। सिर पर कलश रखकर महिलाओं ने मंदिर और पवित्र कामना सरोवर की परिक्रमा कर गंगा पूजन किया।
सरोवर से पवित्र जल लेकर कलश को मंदिर में स्थापित किया। इसके बाद पूजा अर्चना कर विशाल मतुआ धर्म ध्वज को मंदिर परिसर में स्थापित किया। इसी के साथ ही छह दिवसीय वारुणी महोत्सव का आगाज हो गया। मतुआ अनुयायियों ने ढोल नगाड़े, मंजीरे और पताका लेकर हरिबोल का जयघोष करते हुए गांव की परिक्रमा की। वहां जयंत मंडल, तापस मिस्त्री, सुसेन विश्वास, रबीन खान, सुधांशु सिकदर, विधान दास, गोकुल विश्वास, नकुल विश्वास आदि थे।