राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघ चालक मोहन राव भागवत बारह राणा स्मारक के छात्रावास में रह रहे 60 बच्चों से मिले। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप के आदर्शों पर चलकर देश व संस्कृति को बचाएं। कहा कि महाराणा प्रताप ने घास की रोटी खाकर अपने धर्म व संस्कृति की रक्षा की थी। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम आयोजन समिति के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बैठक भी ली।
शनिवार को बारह राणा स्मारक में महाराणा प्रताप की मूर्ति अनावरण समारोह व हिंदू महा सम्मेलन के समापन के बाद आरएसएस के सरसंघ चालक शाम 4:30 बजे छात्रावास में जनजाति के बच्चों से मिले और उनके रहन-सहन व शिक्षा-दीक्षा की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप के वीरता व साहसिक कार्यों से सभी को प्रेरणा मिलती है। बच्चे अपनी संस्कृति की धरोहर को बचाने के लिए उनके आदर्शों पर चलें। आधा घंटा बच्चों के बीच रहने के बाद भागवत ने महाराणा प्रताप प्रतिमा अनावरण समारोह समिति के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। इसके बाद शाम 7:30 बजे काठगोदाम रेलवे स्टेशन के लिए रवाना हो गए। इस मौके पर कुंवर शिववर्धन सिंह, कमल जिंदल, नवतेज पाल सिंह, मृदुल त्रिपाठी, दिनेश राणा, राजू हरियाणवी, वर्षा बहन, नरेश कंसल, डा. एसएस टुरना, महेश मित्तल आदि थे।