खटीमा। संदिग्ध पेय पदार्थ पीने से मृत कंजाबाग निवासी ढिल्लू राणा और मलकीत राणा की मौत की मजिस्ट्रेटी जांच होगी। एसडीएम खटीमा को जांच अधिकारी बनाया गया है।
मृतक ढिल्लू राणा और मलकीत राणा दोनों ही आरएसएस से जुड़े थे। दोनों ही संगठन के लिए साथ-साथ काम करते थे। ढिल्लू राणा आरएसएस के श्रद्धा जागरण प्रमुख थे और उनकी थारू समाज में अच्छी पकड़ थी। कंजाबाग मार्ग के पास उनका मैरिज हॉल भी है जबकि मलकीत राणा मशरूम का व्यवसाय और खेतीबाड़ी करते थे।
खटीमा का अतिरिक्त प्रभार देख रहे सीओ सितारगंज बीएस धौनी ने बताया कि प्रथम दृष्टया घटनास्थल से बरामद प्लास्टिक की खाली से पानी के इस्तेमाल से शराब केमिकल मिलने की आशंका है जिससे दोनों की मौत हुई। इसके अलावा घटना की विभिन्न बिंदुओं से जांच की जा रही है। उनका विसरा सुरक्षित कर लिया है। घटनास्थल से बरामद प्लास्टिक की खाली बोतल को जांच के लिए एफएसएल लैब भेजा है। सीओ सितारगंज बीएस धौनी ने बताया कि इस मामले में डीएम की ओर से मजिस्ट्रेटी जांच के लिए आदेश दिए गए हैं।
15 दिन पहले हुई बेटी की शादी
कंजाबाग स्थित ढिल्लू राणा के आवास पर शुक्रवार को मातम पसर गया। दिनभर परिजनों को सांत्वना देने के लिए लोग पहुंचते रहे। शारदा घाट बनबसा में उनकी अंत्येष्टि हुई। परिजनों ने बताया कि ढिल्लू राणा की बड़ी पुत्री वैष्णवी राणा का 23 जनवरी को ही विवाह हुआ था जबकि उनकी छोटी बेटी वैशाली नैनीताल में स्नातक की पढ़ाई कर रही हैं। भगचुरी निवासी मलकीत राणा के परिवार में भी दिनभर मातम पसरा रहा। शाम करीब साढ़े चार बजे उनके शव को बरेली से घर लाया गया और नौसर घाट पर उनकी अंत्येष्टि की गई। उनका एक पुत्र और तीन पुत्रियां हैं। दो पुत्रियों का विवाह हो चुका है।
आखिर कहां से आया केमिकल
पुलिस की प्राथमिक जांच में शराब में केमिकल मिले होने की बात सामने आ रही है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर केमिकल आया कहां से। बताया जा रहा है कि ढिल्लू राणा की एक खाद व कीटनाशक की दुकान है जबकि मलकीत राणा मशरूम की खेती करते थे। बताया जा रहा है कि मशरूम की खेती में केमिकल का इस्तेमाल होता है। ऐसे में आशंका है कि कहीं गलती से उनकी गाड़ी में केमिकल की बोतल आ गई हो। पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। खटीमा उप जिला अस्पताल के डॉ. वीपी सिंह ने बताया कि जिस केमिकल की गंध आ रही थी वह स्प्रिट की तरह आंखों में चुभ रहा था।