रुद्रुपुर। उत्तर पुस्तिकाओं के संकलन या मूल्यांकन में अगर प्रधानाध्यापक, प्रधानाचार्य या शिक्षकों ने आनाकानी की तो विनियम 96 और 97क के तहत उन पर कार्रवाई होगी। विद्यालयी शिक्षा परिषद के सचिव विनोद सिमल्टी ने पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं।
जिले में इस बार हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं के लिए 101 मिश्रित और नौ एकल परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन सभी केंद्रों पर तैनात विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को केंद्र व्यवस्थापक की जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही उसी विद्यालय के किसी वरिष्ठ शिक्षक की अभिरक्षक के रूप में तैनाती होगी।
परिषद के सचिव ने पत्र में साफ तौर पर कहा है कि प्रधानाध्यापक, प्रधानाचार्य या शिक्षक जिन्हें उत्तर पुस्तिकाओं के संकलन या मूल्यांकन केंद्र से संबंधित परिषद या जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से कोई दायित्व या कार्य सौंपा जाता है, जिसमें उत्तर पुस्तिकाओं के बंडलों को लाने-ले जाने और उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य भी शामिल है।
इन कर्तव्यों के निर्वहन में असमर्थता व्यक्त करने या फिर जान-बूझकर शिक्षक के अनुपस्थित रहने पर कर्तव्यों की अवहेलना मानी जाएगी और ऐसे व्यक्तियों को जनहित में ड्यूटी से अनुपस्थित मानकर उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा केंद्र पर शिक्षक या केंद्र व्यवस्थापकों के दायित्वों का निर्वाहन सही ढंग से नही करने पर कार्रवाई करेंगे।
-केएस रावत, सीईओ