चौपहिया वाहनों के लिए ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने आने वालों का टेस्ट लेने के लिए एआरटीओ दफ्तर में सिमुलेटर मशीन स्थापित हो चुकी है। लेकिन मशीन को शुरु करने से पहले उद्घाटन का इंतजार किया जा रहा है। पहले रुद्रपुर सहित अन्य जगहों के दफ्तरों में लगी मशीनों का मुख्यमंत्री को एक साथ फीता काटना था, लेकिन ऐन वक्त पर सरकार गिरने से यह नहीं हो सका। हालांकि अधिकारी मुख्यालय के आदेश का इंतजार कर रहे हैं।
वर्तमान में चौपहिया वाहनों के लिए लाइसेंस बनवाने आने वालों का मैनुवल टेस्ट लिया जाता है। टेस्ट के आधार पर ही आवेदकों को लाइसेंस जारी किए जाते हैं। लेकिन परिवहन विभाग ने दून, रुद्रपुर सहित कुछ चुनिंदा एआरटीओ दफ्तरों को सिमुलेटर मशीन दी हैं। अब लाइसेंस के लिए आवेदन करने वालों का टेस्ट मैनुवल के बजाय मशीन से होगा।
एक पखवाड़े पहले रुद्रपुर एआरटीओ दफ्तर के एक कमरे में मशीन स्थापित हो चुकी है। बताया जा रहा है कि पहले मार्च में इसका उद्घाटन अन्य एआरटीओ दफ्तर में लगी मशीनों के साथ ही मुख्यमंत्री को करना था। लेकिन सरकार गिरने के बाद अब मुख्यालय से आदेशों का इंतजार किया जा रहा है। सेमुलेटर मशीन में वीडियो गेम की तरह फंक्सन होते हैं।
स्क्रीन में सड़क का पूरा दृश्य जैसे चौराहे, मोड़, रेड लाइट के अलावा अन्य वाहन भी चलते दिखाई पड़ते हैं। एक वाहन को आवेदक को मशीन में जुड़े हैंडिल की मदद से चलाना होता है। तय मिनटों की राइड में मार्क्स निधारित होते हैं। गलत टर्न, ओवरस्पीड और अन्य गलतियों पर मार्क्स कम हो जाते हैं। जो निर्धारित अंक नहीं ला पाएंगे, उन्हें लाइसेंस जारी नहीं होगा। हालांकि आवेदक को कितने मौके और समय मिलेगा, इसका निर्धारण नहीं हो सका है।