रुद्रपुर। जसपुर के एक भूमि विवाद में तृतीय अपर जिला न्यायाधीश मुकेश चंद्र आर्य की अदालत ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रख प्रतिवादी की याचिका को खारिज कर दिया। अदालत ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए प्रतिवादी को विवादित भूमि खाली कर वादी रामपाल सिंह को कब्जा सौंपने के आदेश को बरकरार रखा।
जसपुर निवासी वादी रामपाल सिंह ने प्रतिवादी संजय सिंह व अन्य पर आरोप लगाया था कि वर्ष 1994 में संजय सिंह की माता सुधा सिसौदिया ने उनकी भूमि पर अवैध कब्जा कर मकान का निर्माण कर लिया था। इसको लेकर वादी ने वर्ष 1996 में राजस्व न्यायालय में वाद दायर किया, जहां यह मामला करीब 18-19 वर्षों तक लंबित रहा। 10 अगस्त 2015 को राजस्व अदालत ने यह कहते हुए वाद निरस्त कर दिया कि भूमि पर आबादी होने के कारण इसका निस्तारण दीवानी न्यायालय में ही संभव है। इसके बाद वादी ने सिविल जज (सीनियर डिवीजन), काशीपुर की अदालत में वाद दायर किया, जहां 11 फरवरी 2021 को वादी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए बेदखली और कब्जा दिलाने का आदेश दिया गया। आदेश के खिलाफ प्रतिवादी संजय सिंह और अन्य ने अदालत में याचिका दायर की थी। मामला तृतीय अपर जिला न्यायाधीश मुकेश चंद्र आर्य की अदालत में चला गया। हालांकि अदालत ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए अपील याचिका खारिज कर दी।