काशीपुर। सूर्या रोशनी लिमिटेड फैक्टरी हादसे में गंभीर रूप से घायल रोहित की जान तो बच गई लेकिन बाकी जिंदगी अब बैसाखियों के सहारे ही उन्हें चलना पड़ेगा। हादसे में एक पैर (नीचे से) कटकर अलग हो गया है। दूसरे पैर की हड्डी बुरी तरह टूटी है और शरीर झुलस गया है। एक हाथ और सिर पर भी गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों ने उन्हें मौत के मुंह से तो निकाल लिया, लेकिन अभी ठीक होने में लंबा समय लगेगा।
सूर्या फैक्टरी में बृहस्पतिवार को हुए हादसे में मुरादाबाद के थाना भगतपुर मानपुर के चकठीरीया निवासी रोहित पुत्र कलुआ गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बताया कि वह उस दौरान हाइड्रोजन सिलिंडर के पास थे इसलिए उनके ज्यादा चोट आई है।
रोहित के भाई सोवित ने बताया कि उन्हें दोपहर 1:30 बजे कंपनी वालों ने घटना के बारे में बताया। इसके बाद पूरा परिवार आयुष्मान अस्पताल पहुंच गया। यहां रोहित की हालत देखकर उसकी पत्नी सोनिया और मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। वह शाम से सुबह तक बिलख-बिलखकर रोती रहीं। दोनों को शुक्रवार दोपहर में घर भेज दिया।
सोवित ने बताया कि रोहित की उम्र 25 वर्ष है। उसका एक डेढ़ साल का बेटा है। रोहित दो भाई और चार बहन हैं। एक बहन की अभी शादी नहीं हुई है। सोवित ने बताया कि वह टांडा की एक कंपनी में काम करता है जबकि रोहित आठ वर्ष से सूर्या फैक्टरी में ही काम कर रहा था। वह काशीपुर के हरियावाला में अकेले रहता था। चार-पांच दिनों में घर परिवार वालों से मिलने जाता था। बताया कि हादसे वाले दिन सुबह उसकी अपनी पत्नी सोनिया से बात हुई थी।
दो दिन से भूखा था रोहित
रोहित ने हादसे के एक दिन पहले से कुछ नहीं खाया था। वह सुबह खाना बनाकर टिफिन लेकर फैक्टरी गया था। लंच से पहले ही हादसा हो गया। ऐसे में रोहित को जब शुक्रवार को होश आया, तो वह खाना मांगने लगा। डॉक्टरों की सलाह पर उसे दाल दी गई लेकिन भूख लगने पर वह दोबारा खाना मांगने लगा। सोवित ने बताया कि रोहित बुधवार को फैक्टरी से ड्यूटी के बाद बिना खाना खाए ही सो गया था।
फैक्टरी में दो सौ कर्मचारी लौटे कार्य पर
सूर्या रोशनी लिमिटेड कंपनी के मुख्य महाप्रबंधक संजीव कुमार ने बताया कि फैक्टरी में फिलामेंट प्लांट, डाउन लाइटर और स्टोर रूम को बंद कर रखा है। अन्य बिल्डिंग में काम शुरू हो गया है। बताया कि करीब 200 कर्मचारी ड्यूटी पर आए है। अभी घटना की जांच चल रही है। टीम ने मौके पर आकर शुक्रवार को भी जांच की है। मृतक के परिजनों की आर्थिक सहायता दी गई है। घायल का इलाज करवाया जा रहा है।