काशीपुर। विकास उपकर की वसूली व लाइसेंस जारी न किए जाने से व्यापार में बाधा आ रही है। इसके चलते केजीसीसीआई के अध्यक्ष ने कृषि सचिव उत्तराखंड को पत्र लिखकर उच्च न्यायालय के आदेश की प्रतीक्षा तक सभी लाइसेंसी उद्यमियों को लाइसेंस जारी करने की मांग की।
कुमाऊं गढ़वाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (केजीसीसीआई) के अध्यक्ष अशोक बंसल ने कृषि सचिव को पत्र लिखकर कहा कि राज्य की कुछ मंडी समितियों की ओर से विकास उपकर की वसूली को लेकर लाइसेंसी उद्यमियों को लाइसेंस जारी नहीं किए जा रहे हैं, जिससे व्यापार प्रभावित होने की आशंका उत्पन्न हो गई है।
इस संबंध में पूर्व में भी अवगत कराया गया है कि मैन्युफैक्चरिंग/प्रोसेसिंग के लिए राज्य में लाए गए कृषि उत्पादों पर मंडी शुल्क/विकास उपकर लगाना संवैधानिक प्रावधानों एवं सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के विपरीत है। फिर भी कुछ मंडी समितियों की ओर से विकास उपकर की वसूली को लेकर लाइसेंस जारी नहीं किए जा रहे हैं। इससे व्यापार में अनावश्यक बाधा उत्पन्न हो रही है।
इस विषय पर वर्तमान में उत्तराखंड उच्च न्यायालय में मामला विचाराधीन है। कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश की प्रतीक्षा तक सभी लाइसेंसी उद्यमियों को लाइसेंस जारी किए जाएं और व्यापार को सुचारू रूप से चलने दिया जाए।
निर्णय आने पर जैसा आदेश होगा, सभी उसके अनुरूप कार्य करेंगे। कहा इस विषय पर समुचित निर्देश जारी करते हुए उच्च न्यायालय के आदेश तक व्यापार में बाधा न डाली जाए और सभी को लाइसेंस जारी किए जाएं।