एक दिनी विधिक सलाहकार शिविर में वकीलों ने जनजाति के लोगों को भूमि वसीयत, महिला अधिकार, महिला सुरक्षा कानून समेत वन अधिकार अधिनियम आदि के बारे में जानकारी दी। विधायक डा. प्रेम सिंह राणा ने कहा कि वनों पर निर्भर जनजाति के लोगों को मिलने वाले हकहकूक की लकड़ी बिना रोक-टोक उपलब्ध होगी।
रविवार को कुमाऊं सेवा समिति द्वारा संचालित फाइंड योर फीड के सहयोग से चलाए जा रहे भूमि विस्तार परियोजना के तहत नगला गांव में विधिक सलाहकार शिविर लगाया गया। मुख्य अतिथि विधायक डा.राणा ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा जनजाति के उत्थान लिए कई परियोजनाएं चलाई गई हैं, लेकिन अशिक्षा के कारण उन्हें इनकी जानकारी नहीं है। सितारगंज के वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश चंद्र गुप्ता ने बताया कि जनजाति की जमीन गैर जनजाति द्वारा खरीद-फरोख्त करना गैरकानूनी है। बताया कि कृषि भूमि को धारा 143 के तहत अकृषि जमीन दिखाकर बेचने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
सिविल न्यायालय खटीमा की एडवोकेट पूनम विलाल, चंचल सिंह ने शिविर में मौजूद लोगों को महिलाओं की सुरक्षा के लिए बने कानून, हिंदू विवाह अधिनियम, बाल विवाह कानून, महिला उत्पीड़न एवं दुर्व्यवहार करने, घरेलू हिंसा आदि के बारे में बताया।
रामस्नेही राणा की अध्यक्षता एवं भूमि अधिकार मंच के ब्लाक अध्यक्ष धर्म सिंह के संचालन में लगे शिविर में केएसएस की अध्यक्ष जया मिश्रा, त्रिलोक सिंह राणा, मनोज सिंह, उमेश सिंह, संध्या, विरेंद्र सिंह, रामभरोसे सिंह, मंतोरा वती, रामेश्वरी देवी, कन्यावती, समोन्द्री देवी, बदला देवी, मुनेशवती, बलविंदर सिंह, चंचल सिंह राणा, विक्रांत सिंह आदि मौजूद थे।