रुद्रपुर। इंकलाबी मजदूर केंद्र ने रविवार को मजदूरों के पहले समाजवादी राज पेरिस कम्यून की 146वीं वर्षगांठ एवं शहीदे आजम भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव का शहादत दिवस मनाया। ‘पेरिस कम्यून की शहीदी विरासत और हमारे क्रांतिकारी शहीद’ विषय पर गोष्ठी हुई। इसमें पेरिस कम्यून के शहीदों की विरासत को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
इंकलाबी मजदूर केंद्र के अभिलाख ने कहा कि पेरिस कम्यून दुनिया में पहला मजदूर वर्ग का शासन था। मजदूरों के शासन ने दिखा दिया कि मजदूर वर्ग पूंजीपति वर्ग से बेहतर व्यवस्था कर सकता है। इंकलाबी मजदूर केंद्र के अध्यक्ष कैलाश भट्ट ने कहा कि मजदूर वर्ग ने रूस में समाजवादी क्रांति की थी।
शहीद भगत सिंह भी भारत में पूंजीपति वर्ग के शासन के स्थान पर मजदूरों के शासन के लिए संघर्षरत थे। समाजवाद के लिए संघर्ष में उन्होंने अपने प्राणों का बलिदान दिया। क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के अध्यक्ष पीपी आर्या ने कहा भगत सिंह के विचारों को व्यापक तौर पर समाज में फैलाने की जरूरत है। वक्ताओं ने पेरिस कम्यून के शहीदों की विरासत को भी आगे बढ़ाने पर जोर दिया। वहां पर महेंद्र, लक्ष्मी पंत, अनिल, उर्मिला, राजदीप बाठला, सुरेंद्र सिंह, दिनेश चंद्र आदि थे।