पंंतनगर। प्राग फॉर्म में लीज पर ली गई भूमि में लगाई धान की फसल काटने की अनुमति नहीं मिलने पर किसान आहत हैं। फसल लगभग 30 से 40 प्रतिशत तक बर्बाद हो चुकी है। अब इन किसानों ने आठ दिसंबर से धरने पर बैठने का निर्णय लिया है।
उत्तराखंड सरकार ने हाईकोर्ट के माध्यम से प्राग फॉर्म की जमीन लीज पर ली थी। इस जमीन पर 32 किसानों (लीज होल्डर) ने लगभग 600 एकड़ में धान की रोपाई की थी। इस मामले को उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी और कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा सहित कई आला अफसरों से मिलकर हल निकालने की कोशिश की गई लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है।
इस भूमि को लीज पर लेने वाले किसानों का कहना है कि अगर उन्हें पता होता कि सरकार यह कार्रवाई करने जा रही है, तो वह फसल की बुवाई नहीं करते। लगभग चार महीने बीत जाने के बाद भी किसानों को अपनी फसल काटने की अनुमति नहीं मिली है। इससे उनकी लगभग 30 से 40 प्रतिशत फसल बर्बाद हो चुकी है।
किसानों का कहना है कि अगर उन्हें भी कंबाइन से फसल काटने की अनुमति मिलती तो वे अपना कर्ज चुका पाते। इस मामले में दो किसानों की मौत हो चुकी है और तीन किसान आईसीयू में भर्ती हैं। इस मामले में उत्तराखंड कांग्रेस के प्रवक्ता और पूर्व दर्जा मंत्री डॉ. गणेश उपाध्याय ने रविवार को किसानों से मुलाकात कर कहा कि उनके इस कठिन समय में कंधे से कंधे मिलाकर वह उनके साथ खड़े हैं। संवाद