बुधवार देर रात किच्छा रोड स्थित श्मशान घाट पर एक युवक के शव का दाह संस्कार किया जा रहा था। तभी किसी ने पुलिस को सूचना दे दी कि संदिग्ध हालातों में एक युवक के शव को श्मशान घाट में जलाया जा रहा है। सूचना पर मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने भारी फोर्स के साथ शव को अपने कब्जे में ले लिया।
इस दौरान पुलिस को श्मशानघाट आते देख वहां मौजूद दर्जनों लोगों में अफरातफरी मच गई है। पुलिस ने मौके पर शव का निरीक्षण किया तो मामला हत्या जैसा पाया गया, इसके बाद पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस ले गई।
बजाज एलाइंस कंपनी में कार्यरत गुलमोहर कालोनी निवासी 38 वर्षीय मनोज अरोरा पुत्र करतार सिंह के शव को परिजन और अन्य लोग गुपचुप तरीके से किच्छा रोड स्थित श्मशान घाट पर ले आए और उसके दाह संस्कार की तैयारियां शुरू कर दी। इसी दौरान कुछ लोगों को शक हुआ कि यह मामला साधारण मौत नहीं बल्कि संदिग्ध है।
इसी के चलते किसी ने कोतवाली पुलिस को इसकी सूचना दे दी कि एक युवक की लाश का आनन-फानन में गुपचुप तरीके से दाहसंस्कार किया जा रहा है। सूचना पर कोतवाली के एसएसआई धीरेंद्र कुमार और रंपुरा चौकी प्रभारी कुलदीप अधिकारी मय फोर्स के मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव का बारीकी से निरीक्षण किया तो मृतक के गले पर निशाने पाए गए।
इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेने की कोशिश की तो वहां कुछ लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया, लेकिन जैसे ही पुलिस ने अपना कड़ा रुख अख्तियार किया तो कई लोग मौके से खिसकना शुरू हो गए। इसके बाद पुलिस का शक और बढ़ गया, पुलिस ने वहां मौजूद सभी लोगों को खदेड़ दिया और शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस भिजवा दिया। उधर इस मामले में पुलिस का कहना है कि मामला संदिग्ध है इसलिए पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के असली कारणों का पता चलेगा।