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शिक्षिका किरन ने घर- घर जाकर बच्चों को स्कूल पढ़ने के लिए किया तैयार

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काशीपुर, शैलेश मटियानी राज्य शौक्षिक पुरस्कार के लिए चयनित शिक्षिका किरन शर्मा। - फोटो : KASHIPUR
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काशीपुर। शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार के चयनित शिक्षिका किरन शर्मा ने घर- घर जाकर बच्चों को स्कूल आने के लिए प्रेरित किया। बच्चों को शिक्षित करने की उनकी इसी लगन से राजकीय प्राथमिक विद्यालय कचनालगाजी में सात साल के भीतर बच्चों की संख्या 60 से बढ़कर 158 पहुंच गई।
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1996 में शिक्षिका किरन शर्मा बरखेड़ा पांडे राजकीय प्राथमिक विद्यालय में बतौर सहायक अध्यापिका तैनात हुईं। 2010 में पदोन्नती मिलने पर किरन शर्मा को बतौर प्रधानाध्यापिका राप्रावि कचनाल जाली में तैनाती मिली। उस दौरान विद्यालय में छात्रों की संख्या मात्र 60 थी। किरन ने अधिक से अधिक छात्रों को स्कूल तक लाने का बीड़ा उठाया। स्कूल की छुट्टी के बाद वह गांव में लोगों के घर जाकर उन्हें अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करने लगी। उनकी इसी मेहनत से 2017 तक स्कूल में बच्चों की संख्या बढ़कर 158 पहुंच गई। किरन ने बताया कि विभागीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों से उन्हें प्रेरणा मिली। तब विद्यालय में मात्र दो कमरे थे आज लोगों की मदद से विद्यालय में प्रधानाध्यापिका कक्ष, कार्यक्रम संचालित करने के लिए मंच और फुलवारी भी है। हल्द्वानी आईटीआई में अनुदेशक के पद पर तैनात किरन के पति राजदीप शर्मा और दो बेटियों ने भी इस काम में उनकी पूरी मदद की। पुरस्कार के लिए चयन होने पर किरन ने अपने अधिकारियों के मार्गदर्शन के लिए आभार जताया है।
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