रुद्रपुर। होटल रिवेरा में मां-बेटी का शव मिलने और पति के बचने से गुत्थी उलझ गई है। सवाल खड़े हो रहे हैं कि इतने तीखे जहर से जब मां-बेटी की मौत हो गई, तो आखिरकार पति कैसे बच गया। शवों की हालत से यह करीब 12 घंटे पुराने लग रहे हैं। पुलिस को प्रथम दृष्टया पूरा मामला संदिग्ध लग रहा है। पुलिस आत्महत्या और हत्या दोनों बिंदुओं पर जांच कर रही है।
मंगलवार सुबह जब पुलिस ने होटल का कमरा नंबर 201 को खोला तो अंदर बेड पर मां-बेटी के शव पड़े हुए थे। कीटनाशक की बदबू से पूरा कमरे में थी। बाथरूम में मृतका का पति अचेत हालत में पड़ा था। जहर की बोतल और कमरे की परिस्थितियां आत्महत्या की ओर इशारा कर रही थीं, लेकिन चाकू और नॉयलान की रस्सी हत्या की ओर इशारा कर रही है। बड़ा सवाल है कि पंकज ने परिवार के खात्मे का इरादा मजबूती से तैयार कर लिया था। इसी के चलते कमरे में दीमक को मारने वाले खतरनाक कीटनाशक की बोतल के साथ ही नया खरीदा गया चाकू और रस्सी भी रखी थी। शायद इसलिए कि अगर जहर से पत्नी और बेटी बच गए तो चाकू और रस्सी से उन्हें खत्म किया जाएगा। पूरे मामले में बड़ा सवाल यही है कि जिस जहर से मृदुला और वरन्या की मौत होने के साथ शवों की हालत इतनी खराब हो गई, उससे पंकज केवल अचेत ही क्यों रहा। उसके शरीर में भी दोनों शवों की तरह फफोले क्यों नहीं पड़े। मतलब साफ है कि उसने जहर की मात्रा कम ली होगी। इसके अलावा अगर मां-बेटी ने जहर पीया तो वे तड़पे भी होंगे। लेकिन बेड पर शव ऐसे पड़े थे, जैसे वे आराम से सोए हों। इसके अलावा दोनों की जीभ भी निकलना साजिश की तरफ इशारा कर रहा है। प्राथमिक इलाज के बाद पंकज को होश तो है, लेकिन बदहवास होने के कारण अभी बोल पाने की स्थिति में नहीं है। सीओ बीएस चौहान कहते हैं कि शवों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण साफ हो सकेगा। कमरे के हालात, वहां मिली चीजों और घरवालों से बातचीत से तो मामला सुसाइड का लग रहा है। मामले में हत्या का भी एंगल हो सकता है। आत्महत्या और हत्या दोनों दिशाओं पर काम किया जा रहा है। पंकज को होश आते ही उससे पूरी प्रकरण की जानकारी ली जाएगी।