मृतक के चाचा ने पूरी घटना को सुनियोजित करार दिया, पुलिस की लापरवाही पर उठाए सवाल
रुद्रपुर। किच्छा के दरऊ में दिनदहाड़े हत्या की वारदात से ग्रामीण सन्न हैं। मृतक के परिजनों ने घटना को सुनियोजित करार देने के साथ ही दरऊ चौकी पुलिस पर भी सवाल उठाए हैं। मृतक के चाचा ने पारिवारिक नहीं बल्कि चुनावी रंजिश में हत्या का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि रविवार रात वे भी पुलिस चौकी कार्रवाई की मांग करने गए, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
दरऊ गांव में अलीम की हत्या के बाद गांव में दहशत का माहौल है। मृतक के छह भाई व परिजन सदमे में हैं। भतीजे की हत्या से गमजदा भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष गफ्फार खान बताते हैं कि वर्ष 2019 में गांव में प्रधान के चुनाव से दूसरे पक्ष से रंजिश शुरू हुई थी। उनकी भाभी प्रधान पद पर दो वोट से चुनाव हार गईं। इस रंजिश को लेकर कई बार विवाद भी हुए थे। इस बार उनकी पत्नी नाजिया खां एडवोकेट प्रधान पद का चुनाव जीतीं हैं।
13 अगस्त को दूसरे पक्ष के लोगों ने घर में घुसकर भतीजे व परिजनों से बदसलूकी की थी। उन्होंने पुलिस में शिकायत की थी, मगर उनकी सुनवाई नहीं की गई। दूसरे पक्ष की तहरीर पर केस दर्ज किया गया था। कहा कि वे रविवार रात भी चौकी में कार्रवाई की मांग करने गए थे। अगर पुलिस संजीदगी से लेती तो वारदात नहीं होती।
कहा कि सोमवार सुबह हमलावरों की जानकारी देने के लिए भतीजे के घर की तरफ आ रहे बीडीसी साजिद उर्फ केके पर चार राउंड फायर झोंके गए। वे जान बचाने के लिए दीवार कूदकर भागे तो हमलावरों ने उनकी कार में फायरिंग करने के साथ ही तोड़फोड़ की थी।
कोट:
पुलिस हत्या से जुड़े हर एंगल पर जांच कर रही है। दोनों पक्षों के बीच में विवाद लंबे समय से चल रहा है और कई बार पुलिस ने मौके पर पहुंचकर विवाद को शांत कराया था। यह घटना पारिवारिक या राजनीतिक रंजिश की वजह से हुई है, इसको भी जांच के दायरे में लिया गया है। दरऊ चौकी पुलिस पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं, उसको भी देखा जा रहा है। मणिकांत मिश्रा, एसएसपी