28 अप्रैल को दुकान के विवाद में पिता-पुत्र को मारी थी गोली
रुद्रपुर। संपत्ति, पारिवारिक और चुनावी रंजिश में हत्याओं से तराई दहलता रहा है। किच्छा में दिनदहाड़े कई राउंड फायरिंग कर युवक की हत्या को अंजाम देकर हमलावर आसानी से भाग निकले। इससे पहले भी कई हत्याओं ने लोगों को सन्न कर दिया था। आठ महीने में जिले में 25 हत्याएं हो चुकी हैं और 2024 में 42 हत्याएं हुई थी।
किच्छा के दरऊ में युवक की हत्या को परिवार वाले पंचायत चुनाव रंजिश से जोड़ रहे हैं। एक महीने पहले भी काशीपुर के कुंडा थाना क्षेत्र में राहुल कुमार की जहर देकर सुनियोजित ढंग से हत्या की गई थी। बीडीसी का चुनाव प्रभावित करने के लिए एक पक्ष ने साजिश रची थी और आरोप दूसरे पक्ष पर डाल दिया था। पुलिस ने साजिश का पर्दाफाश कर आरोपियों को जेल भेज दिया था। इधर, बीते 28 अप्रैल को ही रुद्रपुर की गल्ला मंडी में दुकान कब्जाने की नीयत से पहुंचे आरोपियों का विरोध करने पर गुरमेज सिंह और उनके बेटे मनप्रीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने पांच सगे भाइयों सहित आठ से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी की थी।
15 जून 2021 को रुद्रपुर के प्रीतनगर मलसी में चार इंच मेड़ के विवाद में दो सगे भाइयों की उनकी खेत में ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जिले में कई हत्याएं हुई हैं, जहां जमीन, कारोबार, परिवार और प्रेम प्रसंग के चलते हत्याएं की गई हैं।
ये चर्चित हत्याकांड
रुद्रपुर के ट्रांजिट कैंप में 13 बीघे जमीन के लालच में दामाद ने चार ससुरालियों की हत्या कर शव को उनके ही मकान के भीतर दफना दिया था। पुलिस ने हत्याकांड से पर्दा हटाया तो दामाद की करतूत ने लोगों को हिलाकर रख दिया।
जून 2023 को केलाखेड़ा में संपत्ति की रंजिश में एक महिला और एक बुजुर्ग की हत्या के बाद शवों के टुकड़े नदी में बहा दिए गए थे। चार जनवरी 2024 को खटीमा के भारामल मंदिर में श्री हरिगिरि महाराज और सेवादार रूप सिंह बिष्ट की लूट के मकसद से हत्या कर दी गई थी।
अगस्त 2023 को रुद्रपुर के ट्रांजिट कैंप में एकतरफा प्यार में एक युवक ने घर में घुसकर दंपती की हत्या कर दी थी। बीचबचाव को आई बुजुर्ग को घायल कर दिया था।
नवंबर 2023 को काशीपुर में तंत्रमंत्र के चक्कर में एक व्यक्ति ने दो बेटियों की हत्या कर दी थी। बेटियों को भूखा रखकर तड़पाया गया था और भयानक मौत दी गई थी।
28 मार्च 2024 को नानकमत्ता में बाइक सवार दो शूटरों ने बाबा तरसेम सिंह की हत्या कर दी थी। पुलिस ने एक शूटर को ढेर कर दिया था, वहीं दूसरा शूटर पंजाब से गिरफ्तार हुआ था। पुलिस ने दस साजिशकर्ताओं को जेल भेजा था।
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गमगीन माहौल में शव को किया गया सुपुर्दे खाक
रुद्रपुर। दरऊ में गोलीकांड से जाम गंवाने वाले आलिम का शव पोस्टमार्टम के बाद घर पर ले जाया गया। यहां पर परिजन शव को देखकर बिलख पड़े। इस दौरान पूर्व विधायक राजेश शुक्ला समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण और भाजपा कार्यकर्ता वहां पहुंच गए थे। एसपी सिटी डॉ. उत्तम सिंह नेगी, सीओ भूपेंद्र सिंह धौनी, कोतवाल धीरेंद्र कुमार पुलिस फोर्स के साथ पहुंच गए थे। इसके बाद को गांव के कब्रिस्तान पर ले जाया गया और सुपुर्दे खाक कर दिया गया। इस दौरान कोतवाली पुलिस भी कब्रिस्तान में तैनात रही। ब्यूरो
मुझे कल तक आदमी चाहिए, वरना मुझे झेल नहीं पाओगे
रुद्रपुर। दरऊ गांव में मृतक के घर पहुंचे एसपी सिटी, सीओ और कोतवाल के सामने पूर्व विधायक राजेश शुक्ला का आक्रोश फूट पड़ा। अब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें शुक्ला पुलिस अधिकारियों से कहते सुने जा रहे हैं कि मेरे धैर्य की परीक्षा हो रही है। मैं बहुत दिन से चुप हूं। केवल आप लोग बेहड़ से डर रहे हैं। बेहड़ जो चाहे किच्छा में करवा रहे हैं। जिसका मरा है उससे पता करिए। हमारा कार्यकर्ता हमारी सरकार होते हुए मारा गया है। उसको घर में घुसकर मारा गया है। आपको आने तक समय नहीं था। मैं यहां आया तो तब आप लोग पहुंचे हो। सर! मुझे कल तक वो आदमी चाहिए सर, वरना परसों मुझे झेल नहीं पाओगे। मैं पुलिस प्रशासन का बहुत सहायोग करता हूं। आपके राज में आज मेरे लोग मारे जा रहे हैं।