खटीमा। खटीमा में छोटी सब्जी मंडी के साथ ही चल रही मछली मंडी में लाइसेंसों का नवीनीकरण न होने पर प्रशासन, नगर पालिका, खाद्य विभाग, पशुचिकित्सा विभाग की टीम ने मछली व्यवसायियों के चालान काट दिए। प्रशासन ने लाइसेंस नवीनीकरण न होने तक मछली की दुकानें बंद रखने का सख्त निर्देश दिया।
एसडीएम विजयनाथ शुक्ल ने संयुक्त टीम के साथ रविवार को भी खटीमा में अवैध रूप से मछली बेचने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की।
इससे मछली विक्रेताओं में हड़कंप मच गया। इसके विरोध में मछली व्यापारी एसडीएम से मिले। उन्होंने कहा कि मछली बहुत दूर से आती हैं। यदि मछली एक दिन भी रोकनी पड़ी तो वह खराब हो जाएंगी। उन्होंने लाइसेंस नवीनीकरण होने तक मछली बेचने की अनुमति मांगी। एसडीएम ने कहा कि लाइसेंस के बगैर कोई भी मांस या मछली विक्रेता व्यवसाय नहीं कर सकता। एसडीएम ने कहा कि एनजीटी के मानक में जो खरा उतरेगा, उसे ही मांस व्यवसाय की अनुमति दी जाएगी। इस दौरान अरुण सक्सेना, मेहंदी हसन, शिवलाल रस्तोगी, ताहिर खान, आजाद खां, फैय्याज खां आदि थे।
खटीमा। खटीमा में यातायात के लिए मुसीबत बनते जा रहे अतिक्रमणकारियों के खिलाफ प्रशासन का अभियान रविवार को भी जारी रहा। प्रशासन की टीम ने टनकपुर रोड पर सड़क किनारे दुकानें चलाने वालों को खदेड़ दिया। एसडीएम विजयनाथ शुक्ल ने पुलिस, लोनिवि, नगर पालिका के साथ रविवार को सब्जी मंडी, टनकपुर रोड से अतिक्रमण हटाया। टीम ने सड़क पर सामान फैला कर दुकान चला रहे सब्जी विक्रेताओं का फर्नीचर-बारदाना जब्त किया। दुकानों के टिनशेड नाली से बाहर रखने पर टिनशेड हटवाए।
प्रशासन की अभियान के विरोध में सब्जी विक्रेताओं ने दुकानें बंद कर दी। एसडीएम ने कहा जो हदबंदी नगर पालिका द्वारा फड़ों के लिए की गई है, सब्जी, फड़ व्यवसायी उसी हद में रहें। फड़ों के ऊपर काली पन्नी या तिरपाल न लगाई जाए । उन्होंने टनकपुर रोड में भी दुकानदारों को टिनशेड नाली से अंदर ही रखने को कहा था। सब्जी विक्रेताओं का आरोप था कि प्रशासन अतिक्रमण के नाम पर उनका उत्पीड़न कर रहा है। रोज उनके चालान काटे जा रहे हैं।
खटीमा। एसडीएम शुक्ल ने कहा कि फड़ पर सब्जी बेचने वाले व्यापारियों को नहीं हटाया गया है। ऐसे सब्जी विक्रेता जिनके पास दुकान है, उसके बावजूद बहुत आगे तक फड़ लगाकर बैठा हुआ है। ऐसे सब्जी विक्रेताओं को शनिवार को चेतावनी दी गयी थी। रविवार को जब दोबारा उस स्थान का निरीक्षण किया गया तो वह उसी स्थिति में थे। ऐसे विक्रेताओं के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने फड़ पर सब्जी बेचने वाले विक्रेताओं को बहकावे में न आने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इस तरह की दबाव की राजनीति नहीं चलने दी जाएगी। अतिक्रमण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।