काशीपुर। ठंड बढ़ने के साथ ही शहर की हवा भी दूषित हो रही है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 150 के पार जा रहा है। ऐसे में बुजुर्गों व श्वास रोगियों को अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की बेहद जरूरत है। वहीं, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से वायु को दुरुस्त रखने के लिए समय-समय पर ड्रोन से पानी का छिड़काव कराया जाएगा।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) के क्षेत्राधिकारी एसपी सिंह ने बताया कि शहर में राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में वायु प्रदूषण की निगरानी की जा रही है। वहां के आसपास क्षेत्र में निर्माण कार्य चल रहा है। इससे भी वायु की गुणवत्ता पर असर पड़ता है, जिसके लिए नोटिस भी दिया गया है। ठंड में एक्यूआई बढ़ने लगता है। वायु गुणवत्ता बनाए रखने के लिए क्षेत्र में ड्रोन से पानी का छिड़काव समय-समय पर कराया जाता रहता है।
एक्यूआई बढ़ने पर एक बार फिर पानी का छिड़काव कराया जाएगा। वायु गुणवत्ता पर विभाग की नजर बनी हुई है। बीते 23 नवंबर को एक्यूआई 181 और 24 नवंबर को 158 तक पहुंच गया था। पानी के छिड़काव से इसमें और सुधार होने की उम्मीद है।
पर्यावरण विशेषज्ञों के मुताबिक एक्यूआई 150 का मतलब है कि वायु गुणवत्ता खराब है और संवेदनशील समूहों के लिए स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय है। इस स्तर पर, बाहरी गतिविधियां करने वाले सभी लोगों को इसके प्रभाव महसूस हो सकते हैं। खासकर यदि उन्हें श्वास संबंधी समस्याएं हैं, और संवेदनशील लोगों के लिए इसका गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।