अधिवक्ताओं ने काशीपुर को जिला बनाने के लिए कमर कस ली है। उन्होंने सरकार से काशीपुर को जिला घोषित करने की मांग दोहराई है। रविवार को कचहरी परिसर में अधिवक्ताओं की बैठक में बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष हरीश नेगी ने कहा कि सरकार अब काशीपुर की उपेक्षा करने लगी है। जनता क्षेत्र के साथ सौतेला व्यवहार सहन नहीं करेगी।
बार एसोसिएशन अध्यक्ष आनंद रस्तोगी ने कहा कि अगर सरकार ने शीघ्र ही जिले की घोषणा नहीं की तो अधिवक्ता घर-घर जाकर सरकार द्वारा किए जा रहे पक्षपात की जानकारी लोगों को देंगे। जिला बनाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष शैलेंद्र मिश्रा ने कहा कि काशीपुर की जनता सरकार के सौतेला व्यवहार को समझ चुकी है। वक्ताओं ने कहा कि क्षेत्र की जनता अब किसी भी नेता के झांसे में नहीं आएगी। तय हुआ कि जिला घोषित नहीं होने पर जन प्रतिनिधियों से इस्तीफा मांगने के साथ ही सभी राजनैतिक दलों, सामाजिक संगठनों की बैठक बुलाई जाएगी। बैठक में एडवोकेट उमेश जोशी, भूपेंद्र गहलौत, विवेक मिश्रा, संदीप सहगल, मनोज जोशी, अनिल शर्मा आदि थे।
कांग्रेस को भी अहसास होने लगा है कि काशीपुर जिले की मांग से दूरी चुनाव में नुकसान कर सकती है। महानगर कांग्रेस कमेटी ने काशीपुर जिला बनाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने का फैसला किया है। रविवार को महानगर अध्यक्ष संदीप सहगल के आवास पर हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि काशीपुर जिले की मांग 55 वर्ष पुरानी है। विकास की गति में तेजी लाने के लिए जिला बनना चाहिए। इसके लिए मुख्यमंत्री से मिलने एक शिष्टमंडल देहरादून भेजा जाय। कांग्रेस प्रत्याशी की जीत के लिए काशीपुर जिला बनना अनिवार्य है। बैठक में पूर्व सांसद केसी सिंह बाबा, पूर्व पालिकाध्यक्ष मुकेश मेहरोत्रा, मनोज जोशी, सुरेश शर्मा, ब्रह्म पाल, संजय चतुर्वेदी, अलका पाल आदि थे।