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विधायक बोले, सरकार न उनकी सुनती है और न जनता की

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विधायक हरभजन सिंह चीमा। - फोटो : KASHIPUR
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काशीपुर। भाजपा विधायक हरभजन सिंह चीमा ने जनप्रतिनिधियों और जनता की सुनवाई न करने का आरोप लगाते हुए खुद अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। उन्होेंने कहा किसानों के धान के बकाया भुगतान को लेकर वह डीएम से सीएम तक गुहार लगा चुके हैं। बार-बार अनुरोध किए जाने के बाद भी सीएम की ओर से कोई आश्वासन नहीं दिया गया।
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शनिवार को विधायक हरभजन सिंह चीमा अपने कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। कहा कि जिले में सहकारी समितियों के माध्यम से धान खरीद की गई है। इसमेें से करीब 1.11 लाख क्विंटल धान की 6-आर किसानों को नही दी गई है। इसमें से लगभग 49 हजार क्विंटल धान काशीपुर की सहकारी समितियों का है। इस धान को पोर्टल पर चढ़ाने और भुगतान की मांग को लेकर वह डीएम और सीएम से गुहार लगा चुके हैं। विभागीय मंत्री धन सिंह रावत को भी वह किसानों की पीड़ा से अवगत करा चुके हैं। सीएम ने उनकी मांग पर किसानों को आश्वासन देना तक मुनासिब नही समझा। चीमा ने कहा कि वर्ष 2011-12 में काशीपुर शुगर मिल बगैर किसी पूर्व सूचना के बंद कर दी गई। मिल पर किसानों का 25 करोड़ और कर्मचारियों का 65 लाख रुपये बकाया है। विधानसभा सत्रों में भी इस विषय को भी कई बार उठाया जा चुका है। भुगतान न होने से लंबे समय से किसान और कर्मचारी परेशान हैं। किसानों का कहना है कि उन्होंने गन्ना काशीपुर शुगर मिल को न देकर गन्ना समिति को दिया है। बाजपुर और नादेही चीनी मिल से भुगतान हो चुका है। काशीपुर शुगर मिल की गन्ने की देनदारी की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की है। विधायक ने कहा कि डीजीपी के निर्देशों के बावजूद पुलिस और नगर निगम ने इस दिशा में कोई कार्रवाई नही की है।
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