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एनएच चौड़ीकरण में अधिग्रहित भूमि पर ध्वस्तीकरण का फैसला

Tue, 16 May 2017 12:32 AM IST
रुद्रपुर, अमर उजाला ब्यूरो
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जेसीबी - फोटो : अमर उजाला
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एक तरफ जहां जिला प्रशासन एनएच-74 के चौड़ीकरण में अधिग्रहित भूमि पर अतिक्रमण और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के लिए पूरी तरह से मुस्तैदी का दावा ठोक रहा है वहीं दूसरी ओर किच्छा रोड के तीनपानी स्थित यूपी के एक विधायक की कोठी के आगे पैमाइश में आई जगह से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। खास बात यह रही कि एनएचएआई और कार्यदायी संस्था गल्फार की ओर से ध्वस्तीकरण के लिए सुबह दस बजे से खड़ी जेसीबी मशीन दिनभर कोठी के बाहर ही खड़ी रही, लेकिन मौके पर कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन का कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा। आखिरकार कार्यदायी संस्था ने शाम 4 बजे जेसीबी और अपनी टीम को मौके से बिना कार्रवाई के बुला लिया।
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बता दें कि पांच दिन पूर्व डीएम डा. नीरज खैरवाल के निर्देश पर एडीएम वित्त एवं राजस्व प्रताप सिंह शाह ने बैठक लेते हुए इसमें एनएचएआई और कार्यदायी संस्था गल्फार के अधिकारियों के साथ बैठक कर तय किया था कि किच्छा रोड से एलाइंस तक 14 महत्वपूर्ण प्वाइंटों को चिन्हित कर वहां से एनएच चौड़ीकरण के लिए चिन्हित भूमि से अतिक्रमण हटाकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।

सोमवार से यह कार्रवाई अमल में लाई जानी थी, लेकिन इसमें जिला प्रशासन के समक्ष एक बड़ा पेच यह फंस गया कि जिस जगह से एनएच-74 के चौड़ीकरण के लिए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होनी है उस स्थान पर यूपी के एक विधायक की कोठी भी आ रही है, जिसकी दीवार आदि से ध्वस्तीकरण का काम करना है। उक्त कोठी के आसपास की जगह का कुछ हिस्सा तीन साल पहले अधिग्रहित की जा चुकी है, लेकिन सोमवार को यहां पर एनएच चौड़ीकरण की कार्रवाई शुरू नहीं हो पाई। खास बात यह भी है कि इस मामले में जिला प्रशासन के किसी भी अधिकारी ने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया है।
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जहां एडीएम वित्त एवं  राजस्व प्रताप सिंह शाह का कहना है कि बैठक में यह तय नहीं हुआ था कि यूपी के किसी विधायक की कोठी के पास के अधिग्रहित जमीन से एनएच चौड़ीकरण में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होनी है। उन्होंने कहा कि इस बारे में एसडीएम रुद्रपुर को पूरी जानकारी होगी उन्हीं से बात करके स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

उधर इस बारे में एसडीएम रुद्रपुर पंकज उपाध्याय का कहना है कि सोमवार को हाईकोर्ट के कई मामलों में पत्रावली तैयार होनी थी और डीएम के आदेश पर एनएच-74 और एनएच-87 में कोई निर्माण कार्य तो नहीं हो रहा है इसे भी चेक करना था, इसलिए मौके पर प्रशासन की टीम नहीं पहुंच पाई।

मंगलवार से एनएच चौड़ीकरण में जो जमीन अधिग्रहित हो चुकी है वहां पर ध्वस्ती करण का काम शुरू कर दिया जाएगा। वहीं एसडीएम सदर पंकज उपाध्याय का यह भी कहना था कि यूपी के विधायक की कोठी के सामने की अधिग्रहित भूमि के मामले में अभी मुआवजा भी नहीं मिला है क्योंकि सभी रिकार्ड डबल लाँक में होने के कारण मुआवजे की राशि का भुगतान नहीं हो पा रहा है। जल्द ही इस मुआवजा राशि का भी भुगतान करवा दिया जाएगा। 

मुआवजा मिला नहीं तो कैसे होगा ध्वस्तीकरण का काम
रुद्रपुर। किच्छा रोड स्थित तीन पानी के पास जिस कोठी की दीवार से एनएच चौड़ीकरण में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होनी है उस जगह का मुआवजा अभी संबंधित लोगों को नहीं मिला है। इसमें यूपी के देवरिया जिले के भाजपा विधायक कमलेश शुक्ला की अधिग्रहित भूमि का मुआवजा अभी तक नहीं मिला है। जैसे ही मुआवजा मिलने की प्रक्रिया शुरू हुई थी तो एनएच-74 में करोड़ों रुपये के मुआवजा घोटाला सामन आ गया, इसमें छह पीसीएस अफसर निलंबित हो चुके हैं और सारा रिकार्ड अब कोषागार के डबल लॉक में बंद है। ऐसे में जब तक मुआवजा नहीं मिलेगा तो कैसे जिला प्रशासन ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा। 
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