रविवार को अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से एक प्रसूता द्वारा उपचार के अभाव में अस्पताल के बाहर ही नवजात को जन्म देने से गुस्साए भाजपाइयों ने सोमवार को सीएमएस अमिता उप्रेती का घेराव कर अस्पताल की व्यवस्था में सुधार लाने की मांग की।
कार्यकर्ताओं का कहना था कि अस्पताल में इस तरह की लापरवाही पहली बार नहीं हुई है, इससे पहले भी कई मरीज डाक्टरों और अन्य स्टाफ की लापरवाही का शिकार हुए हैं। उन्होंने व्यवस्था में सुधार करने और प्रसूता के मामले में जांच कराने का आश्वासन दिया। घेराव करने वालों में अनिता बराठा, विकास शर्मा, भावेश भट्ट, धीरेंद्र भट्ट, नीमा उप्रेती, टिंकू मिश्रा, सूरज कश्यप, बाबूराम कश्यप आदि थे।
दो महिला डाक्टरों के भरोसे चल रहा है अस्पताल
जनपद के रोगियों के उपचार की जिम्मेदारी संभालने वाले जिला अस्पताल का दुर्भाग्य यह है कि यहां पर मात्र दो ही महिला डाक्टर हैं, जबकि छह महिला डाक्टरों की जरूरत है। इसके बाद भी अस्पताल में हर माह करीब तीन सौ प्रसूता महिलाओं की डिलीवरी होती है।