पंतनगर। विवि में चल रहे किसान मेले के तीसरे दिन रविवार को वेटरिनरी काॅलेज के प्रांगण में पशु-प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसके संयोजक डीन वेटरिनरी डाॅ. एएच अहमद और सह संयोजक डाॅ. राजीव रंजन कुमार रहे। पशु-प्रदर्शनी में रुद्रपुर के जैम्बी भल्ला की संकर नस्ल की बछिया को सर्वोत्तम पशु घोषित किया गया। कुलपति डाॅ. मनमोहन सिंह चौहान और कपकोट विधायक सुरेश गढ़िया ने रिबन बांधकर सुशोभित किया। निर्णायक मंडल में डाॅ. शिव कुमार, डाॅ. डी. कुमार, डाॅ. आरएस बरवाल, डाॅ. बीएन शाही, डाॅ. निधि अरोरा व डाॅ. एके घोष थे।
सवा करोड़ के बीज बिके
पंतनगर। मेले में रविवार को तीसरे दिन भी किसानों द्वारा विभिन्न फसलों के बीजों की खरीद जारी रही। किसानों ने मेले में फसल अनुसंधान केंद्र, प्रजनक बीज उत्पादन केंद्र, विवि फार्म व एटिक स्टालों से दोपहर तक लगभग एक करोड़ 25 लाख रुपये के विभिन्न रबी फसलों के बीजों की खरीद की। साथ ही औषधीय व सगंध पौध अनुसंधान केंद्र, आदर्श पुष्प वाटिका, सब्जी अनुसंधान केंद्र, उद्यान अनुसंधान केंद्र व कृषि वानिकी अनुसंधान केंद्र के स्टालों से लगभग दो लाख 75 हजार रुपये के बीज व पौधों की बिक्री की गई। इसके अलावा एटिक व प्रकाशन निदेशालय के स्टाॅलों से लगभग 38 हजार रूपये के प्रकाशनों की बिक्री की गई। किसानों का आज भी विश्वविद्यालय के शोध केंद्रों का भ्रमण जारी रहा। इसके तहत विवि के वैज्ञानिकों ने शोध तकनीकों के बारे में किसानों को जानकारी दी। संवाद
फसलों को बचाएगी फायर अलार्म व लेजर सुरक्षा तकनीक
- सीबीएसएच के छात्रों ने खेत में जानवरों के घुसने व आग लगने पर बचाव की खोजी तकनीक
पंतनगर। पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में किसानों की जंगली जानवरों और आग से फसल की सुरक्षा गंभीर चिंता का सबब है। इसके लिए कृषि व मानविकी महाविद्यालय (सीबीएसएच) के भौतिकी विभाग के विद्यार्थियों ने फायर अलार्म व लेजर सुरक्षा प्रणाली तकनीक की खोज की है। जिसका माॅडल मेले में महाविद्यालय के स्टाॅल पर किया गया है। इससे अब किसानों को इस समस्या से जल्द मुक्ति मिल जाएगी।
डॉ. वीरेंद्र सिंह के साथ स्टाॅल पर मौजूद छात्र प्रशांत सिंह बिष्ट, रवीना गोस्वामी, गीतांजलि पाठक व चेतन पंत ने बताया कि फसल की जानवरों से सुरक्षा के लिए खेत के चारों ओर एक लेजर पथ तैयार किया गया है। जैसे ही कोई जानवर लेजर पथ पार करेगा, तो उसकी रेंज में आते ही अलार्म बजने लगेगा। इसके अलावा फायर अलार्म प्रणाली में एक सेंसर लगाया गया है। जो फसल में आग लगते ही, अलार्म बजाकर खेत में पानी छोड़ देगा। यह मॉडल सीमांत व पर्वतीय सहित जंगली जानवरों से परेशान किसानों को बहुत अधिक पसंद आ रहा है। कई किसान इस प्रणाली को खरीदने के लिए भी उत्सुक हैं, लेकिन मेले में अभी सिर्फ माॅडल ही प्रदर्शित किया गया है। जिसका व्यावसायिक उत्पादन होने के बाद ही यह यंत्र बाजार में उपलब्ध हो पाएगा। इस मॉडल की विवि कुलपति डॉ. एमएस चौहान ने सराहना करते हुए इस क्षेत्र में आगे और काम करने सहित किसानों तक यह तकनीक पहुंचाने के लिए छात्रों को प्रेरित किया है।
-इन्सेट में
ऐसे काम करेगी तकनीक
पंतनगर। डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि तकनीक में खेत के एक कोने में लेजर बीम टार्च लगाकर खेत के अन्य तीन कोनों में विभिन्न एंगलों से मिरर का प्रयोग कर लेजर पथ तैयार किया गया है। साथ ही एक सेंसर व फोटो डिटेक्टर के साथ अलार्म भी लगाया गया है। जब तक प्रकाश की किरणें सामान्य रूप से पड़ती रहेंगी तब तक कोई आवाज नहीं होगी। जैसे ही कोई जानवर खेत में घुसेगा, तो प्रकाश की किरणें अवरू˜ होंगी और सेंसर अलार्म बजा देगा। इसी प्रकार खेत में आग लगते ही स्मोक डिटेक्टर अलार्म बजा देगा और मोटर संचालित स्प्रिंक्लर सक्रिय होकर खेत में पानी की बौछार शुरू कर देगा। संवाद
कुलपति आज करेंगे मेले का समापन
पंतनगर। विवि परिसर में चल रहे किसान मेले का आज (सोमवार) अंतिम दिन है। मेले का समापन समारोह गांधी हाल में अपराह्न तीन बजे से आयोजित होगा। जिसके मुख्य अतिथि कुलपति डाॅ. मनमोहन सिंह चौहान होंगे। इस दौरान मेले में चार दिनों में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं जैसे शाक-भाजी, फल-फूल एवं परिरक्षित पदार्थ प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता में विभिन्न स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। साथ ही मेले में लगाए गए विभिन्न वर्गों के स्टाॅलों को भी उनके प्रदर्शन व बिक्री के आधार पर पुरस्कृत किया जाएगा। संवाद