रुद्रपुर। कौशल विकास और सेवायोजन विभाग और मेधा संस्था की ओर से एक होटल में मंगलवार को रोजगार की राहें, इंडस्ट्री अकादमिक साझेदारी के एक दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया गया।
इसमें उद्योगों के प्रतिनिधि, आईटीआई प्रधानाचार्य, आईटीआई और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के छात्रों ने अपने सीखने की यात्रा के अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में उत्तराखंड सरकारी आईटीआई का परिवर्तन शीर्षक नामक पुस्तक का विमोचन किया गया।
कौशल विकास और सेवायोजन, दुग्ध, पशुपालन मंत्री बहुगुणा ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। कहा कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य आईटीआई और उद्योगों के बीच सहयोग को मजबूत करना, कौशल अंतर को कम करना और उत्तराखंड के युवाओं के लिए सार्थक कॅरिअर के रास्ते तैयार करना है।
उन्होंने कहा कि आईटीआई संस्थानों में साधारण परिवार के मध्यम पढ़ाई वाले बच्चे आते हैं। मैदानी क्षेत्रों में औद्योगिक संस्थान होने के कारण मैदानी क्षेत्रों के आईटीआई संस्थानों के युवाओं को रोजगार मिल जाता है, लेकिन पहाड़ के आईटीआई के बच्चों को रोजगार आसानी से नहीं मिल पाता। इसलिए उन्होंने औद्योगिक संस्थानों से पहाड़ के आईटीआई में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी रोजगार देने की अपील की।
सचिव कौशल विकास और सेवायोजन सी रविशंकर ने कहा कि औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षित किया जाए, ताकि वे प्रदेश के औद्योगिक संस्थानों की मांग को पूरा करते हुए देश-विदेश के औद्योगिक संस्थानों में कार्य कर सकें।
कहा कि आईटीआई को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाना है ताकि आईटीआई प्रशिक्षित युवाओं को शत-प्रतिशत प्लेसमेंट मिल सके। निदेशक प्रशिक्षण और कौशल विकास, सेवायोजन संजय कुमार खेतवाल ने कहा कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य उद्योगों और कौशल विकास गैप विश्लेषण करना है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को औद्योगिक संस्थानों की मांग के अनुसार शत-प्रतिशत आईटीआई प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार से जोड़ना है। उन्होंने औद्योगिक संस्थानों से पहाड़ के आईटीआई ट्रेडों को गोद लेने की अपील की।
सम्मेलन में जिलाध्यक्ष भाजपा कमल जिंदल, पूर्व मेयर रामपाल सिंह, संयुक्त निदेशक मयंक अग्रवाल, आईआईटी रुड़की प्रो. सुभीर सेन, विशाल सिंह, रितु श्रीवास्तव, व्योमकेश मिश्रा, अध्यक्ष सिडकुल एंटरप्रेन्योर वेलफेयर एसोसिएसन श्रीकर सिन्हा, श्रुति देवरा, स्नेहा स्वराज आदि उपस्थित रहीं।