काशीपुर हाईलेंडर क्रिकेट एकेडमी में मैच खेलते खिलाड़ी।
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काशीपुर। उत्तराखंड के पहली पारी में 341 के जवाब में छत्तीसगढ़ की टीम ने दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक 210 रन बना लिए हैं। छत्तीसगढ़ की टीम अब भी 131 रन पीछे है। हालांकि अब भी उसके छह बल्लेबाज नाबाद हैं। अंतिम दिन का खेल बाकी है और ड्रॉ की ओर बढ़ रहे मैच में उत्तराखंड की टीम जहां छत्तीसगढ़ के बल्लेबाजों के जल्दी आउट करके अतिरिक्त प्वाइंट हासिल करने की कोशिश करेगी वहीं छत्तीसगढ़ के बल्लेबाज ज्यादा से ज्यादा रन बनाकर अतिरिक्त प्वाइंट हासिल करना चाहेंगे।
काशीपुर स्थित हाईलेंडर क्रिकेट एकेडमी में बीसीसीआई की ओर से आयोजित विजय मर्चेंट ट्रॉफी में उत्तराखंड की टीम ने दूसरे दिन 282 से आगे खेलना शुरू किया। स्कोर बोर्ड पर 16 रन ही जुड़े थे कि प्रत्युष पांडेय एक रन बनाकर बोल्ड हो गए। दूसरे छोर पर खड़े उपकप्तान कार्तिक भट्ट टैलेंडर के साथ स्कोर बोर्ड को बढ़ाते रहे। कार्तिक अनलकी रहे और मात्र चार रन से अपने शतक से चूक गए। 335 रन पर उनके आउट होते ही पूरी टीम 114.5 ओवरों में 341 रनों पर ऑल आउट हो गई। छत्तीसगढ़ के सलामी बल्लेबाजों ने संभलकर खेलना शुरू किया। टीम का स्कोर 45 रन ही पहुंचा था कि असर खान की गेंद पर सलामी बल्लेबाज आशीष एलबीडब्लू आउट हो गए। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए विवेक कुछ खास नहीं कर सके और एक रन बनाकर विवेक की गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गए। 86 रन के स्कोर पर उत्तराखंड की टीम को नमन के रूप में तीसरी सफलता हाथ लगी। लेकिन, इसके बाद बल्लेबाजी करने उतरे सरस्वत और मयंक ने संभलकर खेलते हुए टीम का स्कोर 200 के पार पहुंचाया। दिन का खेल समाप्त होने को तीन ओवर बाकी थे, तभी सरस्वत 80 रन के योग पर धैर्य खो बैठे और यश की गेंद पर विकेट के पीछे कार्तिक को कैच थमाकर पवैलियन लौट गए। दूसरे दिन का खेल समाप्त होने पर मयंक 56 और तुषार छह रन बनाकर नाबाद हैं।
कार्तिक ने किया कमाल
अंडर-16 उत्तराखंड टीम के विकेट कीपर बल्लेबाज कार्तिक भट्ट भले ही चार रनों से बोर्ड ट्रॉफी में अपने पहले शतक से चूके हैं, लेकिन वह निराश नहीं है। ऋषिकेश के रहने वाले कार्तिक के पिता गणेश भट्ट बिजनेस मैन हैं, जबकि माता सोनी सरकारी शिक्षिका हैं। बचपन में मामा विनीत नौटियाल ने अपने भांजे कार्तिक का टैलेंट पहचाना और उन्हें क्रिकेट खेलने के लिए प्रेरित किया। हालांकि बीच में पढ़ाई की वजह से उन्हें क्रिकेट छोड़ना पड़ा। 14 साल की उम्र में फिर मामा ने उन्हें क्रिकेट खेलने के लिए प्रेरित किया और आज नतीजा सामने हैं। टीम मैनेजर नूर आलम भी कार्तिक के प्रदर्शन से काफी खुश हैं। कार्तिक ने 80 रनों के साथ विकेट के पीछे भी बेहतर प्रदर्शन किया है।