डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल
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कांग्रेस के बागी विधायक डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल के भाजपा की सदस्यता की सुगबुगाहट ने जोर पकड़ा तो भाजपा के भीतर सुलग रही विरोध की चिंगारी तेज हो रही है। पार्टी से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे कई नेताओं में खलबली मची हुई है। अगर सिंघल की भाजपा में एंट्री हुई तो विरोध की चिंगारी बड़ा रूप धारण कर सकती है।
चर्चा है कि सिंघल के भाजपा में आते ही कई नेता पार्टी छोड़ सकते हैं। कई नेता इस संबंध में आला नेताओं के बराबर संपर्क में है। किसी भी हालत में सिंघल को भाजपा नेता पचा लेने की स्थिति में नहीं है। इसलिए माना जा रहा है कि सिंघल की भाजपा में राह आसान नहीं होगी।
प्रदेश के पहले विधानसभा चुनाव के बाद से ही कई भाजपा कार्यकर्ता, नेता चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। कई नेताओं ने काफी समय पहले से ही गांवों में संपर्क कर टीमें भी बना ली हैं। लेकिन अचानक विधायक डॉ. शैलेंद्र सिंघल के कांग्रेस के बगावत करने और भाजपा में आने की अटकलों ने इन नेताओं की बेचैनी को बढ़ा दिया है। विधायक अपने मजबूत मैनेजमेंट के के चलते अब तक तीन विधानसभा चुनाव जीतते आ रहे हैं।
तीनों ही चुनावों में भाजपा प्रत्याशी तीसरे स्थान पर रहे हैं। चर्चा है कि विधायक डॉ. सिंघल 13 मई को दिल्ली में भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं। जिसके बाद से ही स्थानीय भाजपा में हलचल मची है। भाजपा में सिंघल के आने से विधायक का चुनाव लड़ने का सपना संजोए कई नेताओं को झटका भी लगेगा।
लेकिन भाजपा नेताओं के तीखे तेवरों से जाहिर हो रहा है कि अगर सिंघल भाजपा में आए तो उनकी राह आसान नहीं रहेगी। चुनाव में उन्हें कई बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।