उत्तराखंड में राशन की दुकानों में बेचे जा रहे आयोडिन युक्त नमक में रेत पाए जाने की पुष्टि हुई है। रुद्रपुर की फूड लैब में जांच के लिए भेजे गए 12 में से 10 के नमूने फेल पाए गए। नमक आवंटित करने से लेकर पैकेजिंग तक पर सोशल मीडिया पर सवाल उठने के बाद सरकार की ओर से जांच कराई गई थी।
राज्य में मुख्यमंत्री नमक पोषण योजना के तहत राशन कार्ड धारकों को आठ रुपये प्रति किलो की दर से आयोडीन युक्त नमक उपलब्ध कराया जा रहा था। यह योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत चल रही थी। इसका उद्देश्य प्रदेश के लगभग 14 लाख राशन कार्ड धारकों को आर्थिक सहायता और पोषण प्रदान करना था। खासकर गर्भवती महिलाओं और बच्चों को लाभान्वित करना। सितंबर में उपभोक्ताओं ने नमक में रेत पाए जाने की शिकायत की थी।
इसके बाद सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जांच के आदेश दिए थे। साथ ही अगले आदेश तक नमक वितरण पर रोक लगा दी गई। प्रदेश के सभी जिलों से 12 नमूने एकत्र कर जांच के लिए रुद्रपुर फूड लैब में भेज दिए थे। अब जांच रिपोर्ट सामने आ चुकी है।
जानवरों को खिलाया नमक
पंचायत चुनाव के बीच रेत में नमक पाए जाने का मुद्दा उठा। लोगों ने सोशल मीडिया पर इसे हवा दी थी। पोस्ट कर लिखा था कि इंसानों को खिलाने वाला नमक जानवरों को खिलाना पड़ रहा है एडीएम पंकज उपाध्याय का कहना है कि अभी इस रिपोर्ट नहीं मिली है। 22 नवंबर को बैठक बुलाई है। उसके बाद ही कुछ कहने की स्थिति में होंगे।
नमक के 12 सेंपल जांच के लिए लैब में पहुंचे थे। 10 में बालू निकलने की पुष्टि हुई है। रिफाइंडिंग सही नहीं होने से नमक में बालू आई है क्योंकि समुद्र से नमक का उठान होता है। रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है।
आरएस कठायत, डिप्टी कमिश्नर फूड सेफ्टी, कुमाऊं मंडल