सितारगंज। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार की ओर से संचालित किए जा रहे समूहों में ही अब घोटाले के मामले सामने आने लगे हैं। एबीडीओ ने क्षेत्र की एक न्याय पंचायत में ग्राम संगठन के खाते की रकम का मिलान किया तो एक लाख 90 हजार रुपये गायब मिले। इस पर उन्होंने कोषाध्यक्ष से हिसाब मांगा। कोषाध्यक्ष ने एनआरएलएम (राष्ट्रीय ग्रामीण आजिविका मिशन) कर्मी पर पैसे हड़पने का आरोप लगाया जबकि कर्मी ने पैसा लेने से इनकार किया है। बीडीओ ने बताया कि मामले की रिपोर्ट बनाकर परियोजना के निदेशक को भेजी जाएगी।
सहायक खंड विकास अधिकारी शांति जोशी ने बताया कि ब्लॉक क्षेत्र में करीब 88 महिला समूह संचालित हैं। इन समूहों को न्याय पंचायत में बने ग्राम संगठनों से जोड़ा गया है। सिसौना न्याय पंचायत क्षेत्र के एक माता रानी ग्राम संगठन में काम कर रहे करीब नौ महिला समूहों को साल 2018 में पांच लाख 75 हजार रुपये दिए गए थे। इस संगठन की करीब 90 महिलाएं मसाला बनाने और कोलाकाता से तांत का कपड़ा लाकर उसकी प्रदर्शनी लगाकर बेचने का काम कर रही थीं। बताया कि समूहों को दिए रुपयों की जांच की तो पता चला कि साढ़े तीन लाख रुपये समूहों को बांटे गए हैं जबकि एक लाख 90 हजार रुपये की धनराशि गायब है।
इस पर संगठन की कोषाध्यक्ष से हिसाब मांगा तो कोषाध्यक्ष ने बताया कि सितंबर 2019 में एनआरएलएम कर्मी ने उनसे गायब रकम ली थी। संगठन के खाते से रुपये गायब होने का मामला सामने आने पर विभाग में खलबली मची हुई है। कोषाध्यक्ष ने बीडीओ को पत्र भी सौंपा। खंड विकास अधिकारी हरीश चंद जोशी ने बताया कि मामले में कार्रवाई के लिए रिपोर्ट बनाकर जिला मुख्यालय में पीडी (परियोजना निदेशक) को भेजी जा रही है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी गबन की कोशिश का मामला सामने आया था जिस पर कोतवाली में मुकदमा भी लिखाया गया है।