सरकार की चेतावनी के बावजूद भी पब्लिक स्कूल छात्रों से कई मदों में मनमानी फीस वसूलने से बाज नहीं आ रहे हैं। अभिभावकों की शिकायत पर सीईओ और बीईओ ने टीम के साथ एक स्कूल के का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान टीम को कई खामियां मिली।
बृहस्पतिवार को सीईओ पारस नाथ सिंह, बीईओ अनिल कुमार, समन्वयक अनिल कुमार ने कृष्णा पब्लिक कॉलेजिएट का औचक निरीक्षण किया। सीईओ और बीईओ ने प्रधानाचार्य से विद्यार्थियों की फीस के बारे में जानकारी ली। सीईओ और बीईओ ने कक्षा एक से 12 तक के बच्चों से लिए जा रहे शुल्क और रसीद बुकों की जांच की। इस पर विद्यार्थियों से अधिक फीस लिए जाने की बात सामने आई। जांच में हर साल भवन, बिजली, मेडिकल, स्मार्ट क्लास, कंप्यूूटर क्लास, टेलीफोन, टीसी और खेल के नाम पर अधिक फीस वसूलना पाया गया। इस पर सीईओ बिफर पड़े।
सीईओ ने कक्षा 8, 9 और 12 में छात्र-छात्राओं से भी ली जा रही फीस की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि कक्षा आठ के विद्यार्थियों से तीन महीने की 8370, कक्षा नौ और दस के विद्यार्थियों से तीन महीने के 10,170 रुपये फीस वसूली जाती है। उन्होंने बताया कि हर साल मेंटिनेंस के नाम पर सालाना तीन हजार रुपये वसूले जाते हैं। छात्रों ने बताया कि बताया कि स्कूल में पढ़ाई जाने वाली किताबें एक ही बुक डिपो पर मिलती हैं।
सीईओ सिंह ने प्रधानाचार्य ऊषा खोखर को भविष्य में कोई अन्य शुल्क नहीं लेने, एससी/एसटी के मेधावी छात्र-छात्राओं से सरकारी स्कूलों के समान फीस लिए जाने, बीईओ की मौजूदगी में विद्यालय की बैठक कराने, विद्यालय में एनसीईआरटी की किताबें पढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने वार्षिक री एडमिशन में मेंटिनेस शुल्क लिए जाने के निर्देश दिए। टीम फीस और किताबों के दस्तावेजों को अपने साथ ले गए।
सवाल पूछने पर शिक्षक कहते हैं मुझे नहीं आता
केपीसी विद्यालय कक्षा 12 के विद्यार्थियों ने बताया कि शारीरिक शिक्षा सहित अन्य विषयों के शिक्षकों को सही तरीके से पढ़ाना नहीं आता है। शारीरिक शिक्षा के शिक्षक, रसायन विज्ञान और अकाउंट के शिक्षक सवाल पूछने पर कहते कि उन्हें नहीं आता है। इस पर शारीरिक शिक्षा के शिक्षक सतीश कुमार ने बताया कि वह एक महीने पहले ही विद्यालय में आए है। इससे पहले वह उदयराज हिंदू इंटर कालेज में एसएसटी पढ़ाते थे।