भारत सरकार की दूरसंचार सेवा बीएसएनएल उपभोक्ताओं की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पा रही है। बीएसएनएल के लैंडलाइन कनेक्शन के हर माह आने वाले महंगे बिल और घटिया नेटवर्क से लोगों का इस सेवा के प्रति मोहभंग हो रहा है। रुद्रपुर में बीएसएनएल के 4000 कनेक्शन ही रह गये हैं।
बीएसएनएल के लैंडलाइन कनेक्शन कम होने की वजह सिर्फ मोबाइल फोन ही नहीं हैं, बल्कि उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ने वाला महंगे बिल का बोझ और ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क सिंग्नल न पहुंचना भी है। कनेक्शन कटवाने से पहले अधिकांश उपभोक्ता फार्म में इसकी वजह महंगा बिल बता रहे हैं। कुछ उपभोक्ता मौसम खराबी के बाद आने वाली गड़बड़ी के कई हफ्तों तक ठीक न होने के कारण भी कनेक्शन कटवा रहे हैं। तीन वर्ष पहले रुद्रपुर में बीएसएनएल के आठ हजार कनेक्शन थे, जो अब घटकर आधे रह गये हैं। इस संबंध में सब डिवीजनल इंजीनियर बलदेव सिंह ने बताया कि बीएसएनएल को हर माह औसतन 50 उपभोक्ताओं के कनेक्शन कटवाने के के पत्र आ रहे हैं। ब्रॉडबैंड सेवा में भी काफी कमी आई है। वर्तमान ज्यादातर सरकारी कार्यालयों में ही ब्राडबैंड कनेक्शन का इस्तेमाल हो रहा है।
बीएसएनएल के सामने आ रहीं प्रमुख चुनौतियां
- क्षेत्र में नेटवर्क क्षेत्र को मजबूत करना
- उपभोक्ताओं को सस्ते टैरिफ प्लान देना
- उपभोक्ताओं की शिकायतों का तुरंत निस्तारण करना
- मौसम खराब होने पर ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवा को सुचारु रखना
- कवरेज क्षेत्र के बाहर बीएसएनएनल के नये टावर लगवाना