गदरपुर। काशीपुर अर्बन बैंक की चुनाव प्रक्रिया के मामले में सदस्यता शुल्क देने के बावजूद जानबूझकर जमा नहीं करने के मामले की जांच शुरू हो गई है। जांच कमेटी में शामिल अपर जिला सहकारी अधिकारी ने बैंक पहुंचकर प्रबंधक और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। जांच टीम के बैंक पहुंचने पर स्टाफ में हड़कंप मचा रहा।
बैंक की संचालन समिति के चुनाव को लेकर सदस्य बनाए जा रहे थे। केलाखेड़ा निवासी समीर पाठक और जसपुर निवासी आशीष चौबे 176 सदस्यता फार्म की करीब 20 हजार रुपये की धनराशि जमा करने के लिए 27 मई को बैंक पहुंचे थे। उन्होंने भीड़ होने पर धनराशि जमा करने के लिए कैशियर को दी थी लेकिन बैंक कर्मियों ने रुपये जमा नहीं किए। समीर और आशीष ने उपनिबंधक कुमाऊं से मामले की लिखित शिकायत की थी।
उपनिबंधक ने जांच कमेटी गठित की थी। मंगलवार को जांच कमेटी में शामिल अपर जिला सहकारी अधिकारी प्रेम प्रकाश और गौरव नागर जांच के लिए बैंक पहुंचे। उन्होंने बैंक प्रबंधक के अलावा कैशियर पूरन सिंह और लिपिक अजीत के लिखित बयान दर्ज किए। कैशियर पूरन सिंह ने कहा कि समीर पाठक बैंक में आए थे और बैंक प्रबंधक से मिलने की बात कहकर चले गए थे।
उनको नहीं पता कि बैंक प्रबंधक को आईडी और रुपये दिए हैं। कोई कैश काउंटर पर रुपये देता है तो उसे रसीद काटकर दी जाती है। जांच अधिकारी ने बताया कि बैंक के तीनों कर्मियों से लिखित में बयान ले लिए गए हैं। इसके अलावा बैंक में लगे सीसीटीवी फुटेज भी चेक की गई है। सीसीटीवी फुटेज देखने और बयानों के बाद इसकी रिपोर्ट उपनिबंधक को सौंपी जाएगी। उधर बैंक पहुंचे जीएम जीवन चंद्र तिवारी ने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है।