रुद्रपुर। शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत फर्जी आय प्रमाण पत्र के आधार पर प्रवेश लेने के मामलों में कार्रवाई जारी है, लेकिन गदरपुर क्षेत्र के 12 संदिग्ध आवेदनों की जांच एक माह बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। इससे जांच प्रक्रिया और कार्रवाई की गति पर सवाल उठने लगे हैं।
संबंधित आवेदनों के दस्तावेज सत्यापन के लिए एक माह से अधिक समय पहले संबंधित विभाग को भेजे जा चुके हैं लेकिन अब तक जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। समय पर सत्यापन नहीं होने से अपात्र लाभार्थियों के खिलाफ कार्रवाई में देरी हो रही है। साथ ही पात्र बच्चों को आरटीई का लाभ मिलने में भी विलंब हो रहा है।
इसी क्रम में शिमला पिस्तौर के पूर्व प्रधान से जुड़े प्रकरण में भी अब तक अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका है। आरोप है कि इस मामले से संबंधित दस्तावेज काफी पहले जांच के लिए उपलब्ध करा दिए गए थे लेकिन आवेदन निरस्त करने अथवा अन्य कार्रवाई को लेकर अभी तक कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। जबकि जिले में फर्जी आय प्रमाण पत्र से जुड़े अन्य मामलों में जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई की जा चुकी है।
खंड शिक्षा अधिकारी सावेद आलम ने बताया कि गदरपुर क्षेत्र के 12 संदिग्ध आरटीई आवेदनों से संबंधित अभिलेख जांच के लिए संबंधित विभाग को भेजे जा चुके हैं। रिपोर्ट प्राप्त होते ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिमला पिस्तौर के पूर्व प्रधान से जुड़े मामले में भी जांच रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट मिलते ही शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।