बिना मानचित्र पास कराकर बसाई जा रही कॉलोनी का शुक्रवार को निरीक्षण कर प्रशासनिक अधिकारियों ने अवैध घोषित कर दिया। साथ ही कॉलोनी को सीज कर दिया है। इससे कॉलोनी के लोगों में हड़कंप मच गया है।
नगर पंचायत महुआडाबरा की एक कॉलोनी में एसडीएम सुंदर सिंह ने कोतवाल अबुल कलाम, राजस्व निरीक्षक नवाब जान के साथ छापा मारा। कालोनाइजर और मुंशी से कॉलोनी काटने के संबंधित दस्तावेज मांगे। मुंशी ने असमर्थता जताते हुए एसडीएम को बताया कि उक्त कॉलोनी ग्राम जसपुर पट्टी मनसा के खसरा नंबर 198 प्रॉपर्टी डीलर की ओर से काटी जा रही है। बताया कि वह पिछले एक वर्ष से प्रॉपर्टी डीलर का काम कर रहे हैं। इसमें चार एकड़ जमीन थी, जिसमें 100 प्लॉट बिक चुके हैं। बताया गया कि प्राधिकरण से कोई नक्शा आदि पास नहीं कराया है। इसमें तीन मकानों का निर्माण हो चुका है और दो मकान निर्माणाधीन है।
मानचित्र स्वीकृत नहीं करने पर कॉलोनी को सीज किया गया है। सीज कॉलोनी की संस्तुति रिपोर्ट बनाकर जिला विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और डीएम को कार्रवाई के लिए भेजी गई है। नगर क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
सुंदर सिंह, उपजिलाधिकारी, जसपुर
शहर में भी बिना नक्शे के विकसित हो रही कई कालोनियां
काशीपुर। काशीपुर विकास प्राधिकरण जनवरी 2017 में वजूद में आ गया था। लेकिन इसका ढांचा अभी अधूरा है। प्राधिकरण में जेई से लेकर अन्य स्टॉफ तक की नियुक्तियां नहीं हुई थी। प्राधिकरण में कार्यरत एकमात्र जेई यूवी सिंह वापस अपने मूल विभाग शहरी विकास विभाग को रिलीव हो चुके हैं। प्राधिकरण में अवर अभियंताओं की कमी के चलते नए भवनों व रिहायशी मकानों के नक्शे स्वीकृत कराने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
शहर में नई बसासत वाले क्षेत्रों में कालोनियां विकसित की जा रही है। छह से अधिक कालोनियों में निर्माण कार्य चल रहा है। इनमें से कुछ के नक्शे प्राधिकरण के स्तर पर लंबित बताए जा रहे हैं, जबकि मानचित्र पास नहीं होने से लोगों को प्राधिकरण के कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
आवासीय वर्ग में 250 वर्ग मीटर तक का नक्शा स्वीकृत करने का अधिकार प्राधिकरण के सचिव को है। इससे अधिक भूमि के नक्शे जिलाधिकारी की ओर से पास किए जाएंगे।
1. प्लॉट के नक्शे की जांच पटवारी के पास जाकर करें।
2. प्लॉट लेने से पहले खतौनी देखें और उसमें रास्ता चिह्नित करें प्लाट की दिशा को अच्छी तरह देखें।
3. प्लॉट का 12 साला अवश्य जांचें।
4. कॉलोनी का रजिस्ट्रेशन रेरा में है या नहीं अवश्य देखें।
5. प्लाट का खसरा नंबर अवश्य देखें।
6. प्लॉट या कॉलोनी किसी नदी नाले पर तो नहीं है उसकी जांच करें।
7. प्लॉट की सेटेलाइट लोकेशन ऑनलाइन जांचें।
8. कॉलोनी में सड़क, नाली, बिजली, पानी की व्यवस्था अवश्य होनी चाहिए।
9. कॉलोनी विक्रेता की जाति और जमीन पर ऋण के बारे में जरूर जानकारी प्राप्त करें।