काशीपुर। मानसून के दौरान लोगों की समस्याओं का निस्तारण और राहत, बचाव के कार्य तत्काल कराए जाएं। अधिकारी ऑफिस में बैठने की बजाए फील्ड में जाकर जनसमस्याओं को सुनें। यह बात आपदा प्रबंधक की समीक्षा बैठक में राज्य आपदा प्रबंधन के उपाध्यक विनय रुहेला ने कही।
उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन के उपाध्यक्ष ने मेयर दीपक बाली और नगर आयुक्त रविंद्र सिंह बिष्ट के साथ मंगलवार को नगर निगम सभागार में मानसून सत्र और आपदा प्रबंधन तैयारी की समीक्षा बैठक ली। निगम के एसएनए विनोद लाल ने बताया कि पानी भरे हुए खाली पड़े 57 प्लाट चिह्नित करने के बाद 35 लोगों को नोटिस जारी कर दिया है। खाली प्लॉटों के बाहर निगम की ओर से चेतावनी बोर्ड लगाए जा रहे हैं। तहसीलदार पंकज चंदोला ने बताया कि क्षेत्र में आठ बाढ़ चौकियां स्थापित करके 24 घंटे कर्मचारी तैनात किए गए हैं। तहसील परिसर में बारिश मापक यंत्र लगाया गया है। अब तक 209 एमएम बारिश दर्ज की गई है। इस मानसून सत्र में आपदा से प्रभावित 36 लोगों को 1.80 लाख रुपये की राहत राशि, 18 हजार रुपये पशु हानि के पीड़ितों को दिए गए हैं। बीते दिनों दो बच्चों की एक खाली प्लाट में भरे पानी में डूबकर हुई मौत के मामले में पीड़ित दोनों परिवारों को4-4 लाख रुपये की राहत राशि दे दी गई है। बैठक में जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उमाशंकर नेगी, रवि पाल समेत विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।