गदरपुर के पैथोलॉजी में छापा मारते एसीएमओ व अन्य अधिकारी।
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गदरपुर। निजी पैथोलॉजी संचालक नियमों का उल्लंघन कर चोरीछिपे लोगों की कोरोना जांच कर मनमाना शुल्क वसूल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने एक पैथोलॉजी लैब में छापा मारकर 17 एंटीजन किट बरामद की हैं। एसीएमओ ने लैब संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए थाने में तहरीर दी है। अचानक हुई कार्रवाई से अन्य लैब संचालकों में हड़कंप मचा रहा। बता दें कि पूर्व में एसटीएफ की ओर से किच्छा में बिना इजाजत के निजी लैब में आरटीपीसीआर किट के साथ एक महिला को गिरफ्तार किया जा चुका है।
डीएम रंजना राजगुरू ने जीवन रक्षक दवाओं, इंजेक्शनों और कोविड-19 जांच के नाम पर लिए जा रहे मनमाने शुल्क पर अंकुश लगाने के लिए टीमों का गठन किया है। बृहस्पतिवार को एसडीएम विवेक प्रकाश, कोविड के नोडल अधिकारी/ एसीएमओ डॉ. अविनाश खन्ना की अगुवाई में टीम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास संजय पैथोलॉजी पर छापा मारा। इस दौरान लैब से 17 एंटीजन किट बरामद हुईं। इन किटों को टीम ने जब्त कर लिया। डॉ. अविनाश खन्ना ने बताया कि लैब संचालक संजय कोरोना जांच करने के लिए अधिकृत नहीं है। वह जांच के नाम पर लोगों की जान के साथ खिलवाड़ करने के साथ ही आईसीएमआर की गाइडलाइन का उल्लंघन कर रहा था। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। उन्होंने इस संबंध में थाने में तहरीर दी है।
बता दें कि इससे पूर्व बीते मंगलवार को किच्छा में एसटीएफ ने पुलिस के साथ संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए पुरानी राधास्वामी गली में चल रही यूनिटी पैथोलॉजिकल लैब में छापा मारा था। टीम ने वहां बिना इजाजत के आरटीपीसीआर किट से कोरोना टेस्ट कर रही महिला को गिरफ्तार किया था। मौके से टीम ने आरटीपीसीआर की तीन किटें भी बरामद की थीं। आरोपी महिला कोरोना टेस्ट कराने वाले लोगों से 1650 रुपये वसूल रही थी जबकि कोरोना टेस्ट का सरकारी रेट 700 रुपये तय किया गया है।
बता दें कि पुलिस की ओर से हेल्पलाइन नंबर 94120-29536 और व्हाट्सएप नंबर 94111-12780 जारी किए गए है, जहां आम नागरिक ऑक्सीजन सिलिंडर,, रेमेडेसिविर इंजेक्शन और अन्य जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाजारी से संबंधित किसी भी तरह की जानकारी साझा कर सकते हैं।